नेताजी के अधूरे सपनों को पूरा करेगा संघ : मोहन भागवत

आरएसएस और नेताजी दोनों का लक्ष्य भारत को महान राष्ट्र बनाना
मंच पर मौजूद थे नेताजी के भतीजे
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने सोमवार को शहीद मीनार में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर आयोजित सभा को संबोधित करते हुए कहा कि नेताजी के अधूरे सपनाें को संघ ही पूरा करेगा। नेताजी का भारत को महान बनाने का सपना अब भी पूरा नहीं हुआ है। हमें इसे हासिल करने के लिए काम करना होगा। भागवत ने कहा कि उनके दक्षिणपंथी संगठन और नेताजी सुभाष चंद्र बोस का लक्ष्य एक ही है, भारत को एक महान राष्ट्र बनाना। भागवत ने कहा, ‘प्रति वर्ष नेताजी की जयंती पर कार्यक्रम होता है, हर साल छोटा या बड़ा कार्यक्रम हम करते हैं, ऐसा नहीं है कि पहली बार कर रहे हैं।’ आरएसएस और स्वतंत्रता सेनानी की विचारधारा समान नहीं होने को लेकर जारी बहस के बीच भागवत ने यह बयान दिया है। आलोचकों का कहना है कि नेताजी धर्मनिरपेक्षता में विश्वास करते थे, जो कि आरएसएस की हिंदुत्व विचारधारा के विपरीत है। भारत के स्वतंत्रता संग्राम में नेताजी के योगदान की सराहना करते हुए भागवत ने सभी से बोस के गुणों व शिक्षाओं को आत्मसात करने और देश को विश्व गुरु बनाने की दिशा में काम करने का आग्रह किया।
वनवास ​जैसे कष्टों को झेला था नेताजी ने
मोहन भागवत ने यह भी कहा कि नेताजी का विरोध करने वाले लोग भी कम नहीं थे। स्वाधीनता से स्वतंत्रता की ओर की यात्रा का जिक्र करते हुए भागवत ने कहा कि अंग्रेजों के शासन को खत्म कर हम स्वाधीन तो हो गए हैं, लेकिन अपनी ऐतिहासिकता और अपने मूल्यों को लेकर हम स्वतंत्रता की ओर भी आगे बढे़ं, यही नेताजी सुभाष चंद्र बोस का सपना था। उन्होंने कहा कि जब हम वैभवशाली भारत बनाने की बात करते हैं तो इसका मतलब यह नहीं कि धन-धान्य से संपन्न देश हो। अमरीका और चीन भी खुद को वैभवशाली कहते हैं, लेकिन हमें ऐसे वैभवशाली भारत का निर्माण करना है जो संपूर्ण दुनिया में सुख शांति ला सके ।
रास्ते अलग हो सकते हैं, लेकिन गंतव्य एक
संघ और अनुषांगिक संगठनों से मतभेद रखने वालों को भी महत्वपूर्ण संदेश देते हुए संघ प्रमुख ने कहा कि जब देश में स्वतंत्रता की लड़ाई लड़ी जा रही थी, तब कई विचारधारा के लोग थे। सबके रास्ते अलग-अलग थे, लेकिन गंतव्य एक था, देश की स्वाधीनता। हमने इसे हासिल तो किया, लेकिन जिस वैभवशाली भारत के निर्माण का सपना नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने देखा था, उसी को लेकर संघ आगे बढ़ रहा है।
15 हजार से अधिक स्वयंसेवकों ने लिया हिस्सा
संघ के दक्षिण बंगाल प्रांत के प्रचार प्रमुख बिप्लव रॉय ने बताया कि कोलकाता और हावड़ा महानगर से इस कार्यक्रम में 15 हजार से अधिक स्वयंसेवकों ने हिस्सा लिया। सरसंघचालक मोहन भागवत की उपस्थिति में शहीद मीनार मैदान में उपस्थित 15 हजार से अधिक स्वयंसेवकों ने अचंभित करने वाले अनुशासन के साथ पथ संचलन, उद्घोष, कदमताल, नियुद्ध और दंड प्रहार का प्रदर्शन किया।

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