उच्चतम न्यायालय ने स्पष्ट किया कि अपमानजनक या असम्मानजनक शब्द भी तब तक धारा 294(बी) के दायरे में नहीं आते, जब तक सार्वजनिक स्थान पर दूसरों को असुविधा या आपत्ति होने का ठोस आरोप साबित न हो
एनसीपीआई व शिवसेना (उबाठा) गुटों को आमंत्रण पर विपक्ष का संयुक्त बहिर्गमन, लोकसभा अध्यक्ष के लंबित निर्णय का हवाला देकर सरकार पर नियमों की अनदेखी का आरोप