धनतेरस पर झाड़ू खरीदने से पहले जान लें उसके कुछ नियम

कोलकाता: उदया तिथि के आधार धनतेरस का त्योहार 22 व 23 अक्टूबर को मनाया जाएगा। इस दिन सोना, पीतल और चांदी के बर्तन खरीदने की परंपरा है। धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदना बहुत शुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन झाड़ू खरीदने से घर में लक्ष्मी जी का वास बना रहता है। धनतेरस के दिन किए गए कुछ उपाय बहुत लाभकारी होते हैं। शास्त्रों में झाड़ू को माता लक्ष्मी का प्रतिरूप माना गया है।

धनतेरस के दिन झाड़ू खरीदते समय इसके कुछ नियमों का पालन जरूरी है वरना लक्ष्मी माता प्रसन्न होने की बजाय रूठ सकती हैं। आइए जानते हैं झाड़ू खरीदने से पहले उसके कुछ नियम।

ना करें झाड़ू से जुड़ी ये गलतियां

1. धनतेरस के दिन खरीदी गई झाड़ू का भूलकर भी तिरस्कार नहीं करना चाहिए। ध्यान रहे कि इस दिन खरीदी गई झाड़ू पर आप गलती से भी पैर ना मारें।
2. माना जाता है कि ऐसा करने से मां लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं।
3. धनतेरस पर खरीदी गई झाड़ू कभी भी खाली घर में नहीं लानी चाहिए। घर में लाने से पहले झाड़ू की हैंडल पर एक सफेद रंग का धागा जरूर बांध लें। माना जाता है कि इससे मां लक्ष्मी घर में स्थिर बनी रहती हैं।
4. धनतेरस के दिन कभी भी सिर्फ एक झाड़ू खरीद कर घर ना लाएं।
5. ना ही दो या चार के जोड़े में झाड़ू खरीदें।
6. इस दिन एक साथ तीन झाड़ू खरीदना बहुत शुभ माना जाता है।
7. इस दिन लाई गई झाड़ू को कभी भी खुला ना रखें।
8. माना जाता है कि इससे घर में कलह होती है। इसलिए धनतेरस के दिन लाई हुई झाड़ू को हमेशा ढककर रखना चाहिए। धनतेरस के दिन नई झाड़ू लाएं लेकिन पुरानी झाड़ू ना फेकें।
9. धनतेरस के दिन शाम में पुरानी झाड़ू की पूजा करें। इसके बाद नई झाड़ू की भी पूजा करें और घर में सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।
10. पुरानी झाड़ू को भूलकर भी बिस्तर के नीचे या फिर किचन में नहीं रखना चाहिए। पुरानी झाड़ू में काला धागा बांधकर किसी ऐसी जगह छिपाकर रख दें जहां लोगों की नजर ना पड़े। इससे आपके घर में नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं करती है।
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