पॉर्न और वास्तविक सेक्स में होते है ये अंतर

कोलकाता : आज के समय में ज्यादातर लोगों का पॉर्न फिल्म के लिए एक्सिस बढ़ गया है, जिसकी बड़ी वजह इंटरनेट की उपलब्धता है। लेकिन सवाल उठता है कि क्या पॉर्न का असर आपके सेक्स जीवन पर भी पड़ता है? तो इसका जवाब शायद हां। पॉर्न को देखने के बाद व्यक्ति एक कल्पना में जीने लगता है। लोग पॉर्न को रियल सेक्स समझने लगते हैं और फिर अपने बिस्तर पर उसे करने को कोशिश भी करते हैं। ये चीज सेक्शुअल लाइफ को बहुत ज्यादा प्रभावित कर रही है। सेक्स एजुकेशन में कमी और इस टॉपिक पर कम बात होने के कारण, लोग पॉर्न से ही सेक्स एक्सपीरियंस की समझ लेने लगते हैं और पहली बार सेक्स में इसी का इस्तेमाल करते हैं, जबकि सच ये है कि रियल सेक्स पॉर्न फिल्म में दिखाए जाने वाले सेक्स से बहुत अलग होता है।
1. ज्यादातर लोगों के लिंग आमतौर पर बहुत बड़े नहीं होते हैं
नहीं, हर आदमी के पास नौ इंच का लिंग नहीं होता है और ये ही सच है। आमतौर पर पुरुषों के लिंग का आकार इससे छोटा होता है और इरेक्ट होने पर वो 5-6 इंच का होता है। ऐसे में पॉर्न में दिखाए जाने वाले दृश्य काल्पनिक संसार जैसे हैं। इसे वास्तविकता या फिर नॉर्मल मानकर खुद की तुलना न करें, नहीं तो सेक्शुअल लाइफ में कभी भी संतुष्ट नहीं हो सकेंगे।
2.ज्यादातर महिलाएं पॉर्न स्टार की तरह नहीं दिखतीं
यहां तक कि वयस्क फिल्मी सितारे भी वैसे नहीं दिखते जैसे आप उनसे वास्तविक जीवन में देखने की उम्मीद करते हैं। जैसा की आप जानते हैं कि कोई व्यक्ति परफेक्ट नहीं होता है। ऐसे में अगर आप सोचते हैं कि महिलाएं पॉर्न स्टार की तरह दिखेंगी तो ये सच नहीं है। अधिकतर पॉर्न स्टार अपने बेहतर फिगर के लिए बहुत मेहनत करती हैं और सर्जरी तक का सहारा लेती हैं। इसीलिए ये उम्मीद न करें कि आपकी पार्टनर का फिगर और अन्य चीजें पॉर्न एक्ट्रेस जैसी होगी।
3. सेक्स अक्सर पॉर्न की तुलना में बहुत अधिक भावनात्मक होता है
सेक्स में वास्तविक जुनून शामिल होता है और ये केवल उत्तेजना में कराहने के बारे में नहीं है। इसमें दो लोगों की भावनाएं शामिल होती हैं, जो अपने रिश्ते को आगे बढ़ा रहे होते हैं। पॉर्न में सेक्शुअल इंटरकोर्स के साथ इमोशन्स को जोड़कर नहीं दिखाया जाता बल्कि इसमें लस्ट ज्यादा होता है, जो सिर्फ शारीरिक संतुष्टि के लिहाज से शूट किया गया होता है।
4. पॉर्न फिल्मों में सेक्स के दौरान अधिक बातचीत दिखाई जाती है
पॉर्न फिल्मों में ज्यादातर महिलाएं पुरुषों का मार्गदर्शन करेंगी कि वे बिस्तर में क्या चाहती हैं। अधिकांश पुरुष पूछेंगे कि उन्हें क्या करना चाहिए या क्या नहीं करना चाहिए। पॉर्न में, चादरों (या सोफे पर या पूल में) के बीच जो होता है वो कोरियोग्राफ किया जाता है। असल जिंदगी में इतना संचार नहीं होता है, क्योंकि उस दौरान कपल शारीरिक व भावनात्मक रूप से एक हो रहा होता है।
5. पॉर्न सेक्स में उन्हीं पोजीशन में सेक्स होता है, जो कैमरे पर सबसे अच्छी लगती हैं
जब फिल्म की शूटिंग होती है, तो कैमरे के एंगल आदि के बारे में सोचा जाता है और उसके अनुसार सीन को प्लान किया जाता है। यही अप्रोच पॉर्न फिल्म को बनाने के दौरान भी ली जाती है। सभी सीन्स को इस तरह से पेश किया जाता है कि वो आकर्षक लगें और इसी के मुताबिक सेक्शुअल पोजिशन्स भी तय की जाती हैं। इसीलिए अपनी असल जिंदगी में इन सभी पोजिशन्स को ट्राई करने की कोशिश न करें।

 

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