भद्रा काल में इस तरीके से बांधी जा सकती है राखी, जानिए इसका नियम

कोलकाताः इस बार रक्षाबंधन का त्योहार 11 अगस्त को पड़ रहा है। इस दिन बहन भाई की आरती करके उसके हाथों पर रक्षा सूत्र बांधती है। उससे पूरा जीवन साथ देने का वचन मांगती है। भाई बहन को राखी बांधने के लिए उपहार भेंट करता है। हर साल राखी का त्योहार पूर्णिमा तिथि को मनाया जाता है, लेकिन इस बार पूर्णिमा के साथ भद्रा काल भी मंडरा रहा है।आपको बता दें कि ज्योतिष शास्त्र में इसे अशुभ माना जाता है। इस दौरान कोई शुभ काम नहीं करते हैं। ऐसे में जान लीजिए इस लेख में भद्रा में राखी कैसे बांधे।

भद्रा काल क्यों है अशुभ
भद्रा काल में राखी बांधने या कोई शुभ कार्य के परिणाम अच्छे नहीं होते। आपको बता दें कि भद्रा शनि देव की बहन हैं। यह भी शनि की भांति बहुत कठोर हैं इसी कारण इसमें कोई शुभ काम नहीं किया जाता है, लेकिन अगर किसी मजबूरी के चलते इस काल में राखी बांधना पड़े तो उसके भी नियम हैं। पहले जान लेते हैं 11अगस्त को कब-कब भद्रा लग रही है।
रक्षाबंधन 2022 भद्रा काल
  • रक्षाबंधन के दिन भद्रा पूंछ- 11 अगस्त 2022, शाम 05.17 से  06.18 तक
  • रक्षाबंधन भद्रा मुख – शाम 06.18 से रात 8.00 बजे तक
  • रक्षाबंधन भद्रा समाप्ति – 11 अगस्त 2022, रात 08.51 पर
  • रक्षाबंधन के लिए प्रदोष काल का मुहूर्त- 11 अगस्त 2022 रात 08.52 से 09.14 तक है।
  • आपको बता दें कि 11 अगस्त को प्रदोष काल में शुभ अमृत, लाभ का चौघड़िया देखकर राखी बांधी जा सकती है।

 

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