सेक्स के दौरान डर्टी टॉक: क्या करें और क्या नहीं

कोलकाताः सेक्स के दौरान डर्टी टॉक। ये शायद कुछ लोगों को अजीब और अटपटा लगे, लेकिन हम में से बहुत सारे लोगों को सेक्स के दौरान यह बातें और भी उत्तेजित कर देती हैं! लेकिन यह बहुत पेचीदा भी हो सकता है – आप इन बातों की शुरुआत कैसे करें और इन बातों की सीमा कहां तक है? जानिए इन्हीं सवालों के जवाब हमारी ‘क्या करें और क्या नहीं’ श्रंखला के इस भाग में।
क्या करें……जानने की कोशिश करिए की आपके साथी को क्या पसंद है
सीधे – सीधे पूरी तरह डर्टी टॉक शुरू ना करें। सही यह रहेगा की आप अपने साथी से ही यह जानने की कोशिश करें की उन्हें क्या सही लगता है और कितना सही लगता है। शुरुआत सही हो यह ज़रूरी है।आराम से यह जांचने की कोशिश करें की आपके साथी की पसंद और नापसंद क्या है। यह जान लीजिये की अगर यह अश्लील बात उनके साथ करनी भी है तो यह जान लीजिये की उनकी लिए इस बात की सीमा कहां तक हैं। उसी समय, इस बात को लेकर भी आत्मविश्वास रखें की आप उनसे सीधे-सीधे इस बारे में बात कर सकते हैं। जब आप दोनों को एक दुसरे की पसंद, नापसंद और सीमाएं पता चल जायें, तो आप अपने आप को और अपने साथी को और उत्तेजित करने के लिए अश्लील बातों की शुरुआत कर सकते हैं।
…शुरुआत आराम से
थोड़ा मुश्किल हो सकता है अपने साथी से अश्लील बातों की शुरुआत करना अगर आप दोनों ने ऐसा पहले कभी ना किया हो। ऐसा हो तो, अच्छा यह होगा की आप इस बारे की चर्चा मोबाइल पर सन्देश भेज कर करें या चैट करें। यह आप पर से इस चीज का भार हटा देगा की अगर आप आमने-सामने यह बात कहें और आपके साथी को यह बात पसंद ना होती तो शायद आपको बहुत शर्मिंदगी होती।
अपना संदेह कुछ इस तरह लिखे, “मैं कल रात के सेक्स के बारे में लगातार सोच रहा हूं/ रही हूं। क्या तुम्हें भी वो अनुभव उतना ही अच्छा लगा जितना की मुझे?” अगर वो खुल कर जवाब दें और बातचीत को आगे बढ़ाये, तो आपको पता चल ही जायेगा की उन्हें आपकी बात अच्छी लग रही है और फिर आप इस बात को आगे अपने बेडरूम तक भी ले जा सकते हैं।
…विस्तार से
अपने बेडरूम के रोमांस को बढ़ाने का सबसे आसान तरीका है की आप अपने साथी को बताये की आप उनके साथ क्या करने की छह रखते हैं। जैसे की उनको यह बताना, “अब में तुम्हे पूरे शरीर पर चूमुंगा/ चुमुंगी…” या फिर “मैं तुम्हारे अन्दर चरम तक पहुंचने वाला हूं…”, ऐसी बातें तो आपके साथी को पूरी तरह उत्तेजित कर ही देंगी। आप उनके साथ अपनी कल्पनाएं भी बांट सकते हैं जैसे की, “अगर हम दोनों एक साथ बिना कपड़ों के साथ लेटे तो…” अगर आप अपने साथी को सवाल पूछते हैं और अपने मन की बातें बताते हैं तो आपके साथी को और अच्छा महसूस होगा।क्या ना करें……बिना सोचे समझे बोलना
डर्टी टॉक किस हद तक चली जायें और शायद आपको वो सही लगे लकिन आपके साथी को नहीं तो आपके साथी को बहुत बुरा लग सकता है। आखिर जरूरी नहीं है की हर महिला को अच्छा लगे अगर उन्हें कोई “साली” बुलाये और हर पुरुष को भी यह अच्छा लगये की उनके लिंग को आप ‘मुर्गा’ बुलाये। ईसलिए हम फिर कहेंगे की पोर्न को असल ज़िन्दगी के सेक्स से मत मिलाईये, यह आप दोनों को मुसीबत में दाल सकता है! इसलिए शब्दों का इस्तेमाल सोच-समझकर करिए।
अगर आपको ऐसा महसूस हो की अपने गलत शब्दों का इस्तेमाल किया है, तो एक कदम पीछे ले लीजिये और अपने साथी से पूछिए अगर उन्हें आपकी बात से कोई तकलीफ हुई है। अगर हां, तो माफी मांगिये और वादा करिए की ऐसी बात दुबारा नहीं करेंगे। और सबसे ज़रूरी, अपना वादा मत तोड़िए! और हां अगर अपने साथी की कोई कही हुई बात भी आपको सही ना लगे तो उन्हें स्पष्ट तरीके से ये ज़रूर बता दें।…जो नहीं पसंद वैसी बातें नही कहिये जो की पसंद ना हों। जी हां, अश्लील बातों का मतलब यह भी है आप और आपका /आपकी साथी किरदार निभा रहे हैं और यह बहुत मजेदार हो सकता है। लेकिन ध्यान रखिये आपको ज़बरदस्ती कोई किरदार निभाने की जरूरत नहीं है। अगर आपको अपने साथी की कही हुई बातें या उनका निभाया हुआ किरदार पसंद नहीं आ रहा है तो स्पष्ट तरीके से ‘ना’ बोल दीजिये। आपके रिश्ते की असली पहचान तो इस बात से होती है की आप कितनी आसानी से उन्हें अपने मन की बात बता सकते हैं।
…बात मज़े के लिए
याद रखिये की डर्टी टॉक आपके और आपके साथ के बीच कोई गंभीर बातें नहीं हैं – यह वो बातें हैं जिनसे आपको और आपके साथी को मज़ा आना चाहिए। अगर आपको लगता है की डर्टी टॉक आपकी सम्बन्ध को नहीं जंच रही तो यह बातें करना छोड़ दीजिये। और भी बहुत सारे तरीके है अपने आप को और अपने साथी को उत्तेजित महसूस कराने के। कुछ और करने की सोचिये!

 

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