Saraswati Puja 2024: बसंत पंचमी पर बच्चे जरूर करें ये काम, मिलेगा मां सरस्वती का आशीर्वाद

नई दिल्ली: आज देशभर में बसंत पंचमी का त्योहार मनाया जा रहा है। ज्ञान, कला और संगीत की देवी मां सरस्वती की पूजा घरों और मोहल्लों में की जा रही है। मां शारदा की कृपा जिस पर होती है वह जीवन में अपने ज्ञान और विवेक के बल पर सब कुछ प्राप्त कर लेता है। यदि आप भी जीवन में अपार सफलता पाना चाहते हैं, तो आज मां सरस्वती के द्वादश नामावली का पाठ अवश्य करें। इस पाठ में मां सरस्वती के 12 प्रकार के नाम हैं जिसे पढ़ने और उसका पाठ करने से देवी सरस्वती शीघ्र प्रसन्न होकर अपना आशीर्वाद बरसाती हैं। आज के दिन इस पाठ को करना आपके लिए बेहद फायदेमंद होगा।

मां सरस्वती द्वादश नामावली पाठ

मां सरस्वती द्वादश नामावली में देवी मां के 12 नाम बताए गएं हैं। इस स्त्रोत के पाठ को आज के दिन करने से विद्या, बुद्धि और दिव्य ज्ञान की प्राप्ति होती है। इस द्वादश नामावली में देवी के विभिन्न गुणों और शक्तियों का वर्णन किया गया है।

प्रथमं भारती नाम, द्वितीयं च सरस्वती।

तृतीयं शारदा देवी, चतुर्थं हंसवाहिनी॥

पञ्चमं जगती ख्याता, षष्ठं वागीश्वरी तथा।
सप्तमं कौमुदी प्रोक्ता, अष्टमं ब्रहचारिणी॥

नवमं बुद्धिदात्री च, दशमं वरदायिनी।
एकादशं चन्द्रकान्तिः, द्वादशं भुवनेश्वरी॥

द्वादशैतानि नामानि त्रिसन्ध्यं यः पठेन्नरः।
जिह्वाग्रे वसते नित्यं ब्रह्म रूपा सरस्वती॥

 

मां सरस्वती के विशेष मंत्र

मां सरस्वती का मूल मंत्र- ॐ ऐं सरस्वत्यै ऐं नमः

पूजा पद्धति के अनुसार इस मंत्र का आज बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा के दौरान जाप करने से ज्ञान, बुद्धि और स्मृति शक्ति में वृद्धि होती है। यह मां शारदा का सबसे सरल और प्रभावशाली मंत्र है।

सरस्वती गायत्री मंत्र- ॐ वागदैव्यै च विद्महे कामराजाय धीमहि। तन्नो देवी प्रचोदयात्‌

देवी सरस्वती का यह गायत्री मंत्र सबसे ज्यादा लाभकारी माना जाता है। इस मंत्र का जाप करने से देवी सरस्वती का आशीर्वाद मिलता है और वह प्रसन्न होकर बुद्धि, विवेक और ज्ञान की वृद्धि का आशीर्वाद देती हैं। मान्यता है कि इस मंत्र का विधि पूर्वक जाप करने से हर क्षेत्र में व्यक्ति को सफलता मिलती है।

 

सरस्वती पूजा के दौरान मंत्रों का जाप करते समय इन बातों का रखें ध्यान

  • मां शारदा के इन मंत्रों का जाप करने से पहले स्नान करना जरूरी है और साफ सुथरे वस्त्र धारण करना चाहिए।
  • पूजा पद्धति के अनुसार मंत्रों का विषम संख्या में जाप करना चाहिए। जैसे कि आप मंत्रों को 9,11, 21 माला जाप कर सकते हैं। साथ ही ध्यान रखें मंत्र जाप की जितनी संख्या का संकल्प लिया है उसे पूरा कर के ही उठें।
  • मंत्र जाप से पहले मां सरस्वती की मूर्ति या चित्र को एक चौकी पर स्थापित करें या मंत्र जाप करते समय देवी मां का ध्यान करें।
  • मां शारदा के मंत्र जाप से उपासना करते समय उनके निमित्त एक घी का दीया जरूर जलाएं।
  • इसी के साथ मंत्र जाप करने से पहले एक आसन बिछा लें और उस पर बैठ कर जाप करें।

 

(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। सन्मार्ग एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)

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