मां का सपना पूरा कर नदिया की अंबिका हुई सेना में शामिल

सुनीति के पति थे बीएफएफ में कर्मरत, चाहत थी बेटी भी देश सेवा करे
13 मई से मालदह में बीएसएफ की 115 नंबर बटालियन को करेगी ज्वाइन
नदिया : मां की इच्छा थी कि पति की तरह ही बेटी भी देश की रक्षा के लिए काम करे और तेहट्ट की बेटी अंबिका बाउयाली ने अपनी मां की इस इच्छा को पूरी कर दी है। अंबिका ने पिता अधीर कुमार बाउयाली बीएसएफ की 123 नंबर बटालियन राजस्थान में कर्मरत थे जब गत वर्ष 6 फरवरी को उनकी हार्ट अटैक से मौत हो गयी। अधीर की पत्नी सुनीति पति की मौत के बाद भी यही चाहती थी कि उनकी बेटी भी अपने पिता की तरह ही देशसेवा में लिए काम करे। मां की इच्छा को देखते हुए अंबिका बीएसएफ में भर्ती के लिए प्रयास करने लगी और आखिरकार अपने कठिन परिश्रम और योग्यता को साबित करते हुए उसने यह जगह पा ली। अबिंका को मिलाकर वे लोग तीन बहनें हैं जिसमें बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। अंबिका का कहना है कि जब उसे अपनी की इस इच्छा के बारे में पता चला तो उसने तभी इसी चीज को अपना लक्ष्य बना लिया। तैयारियां करते हुए बेताई फोर्स ऐसोसिएशन नाम के एक प्रशिक्षक शिविर में उसने अप्लाई किया जहां उसे चुन लिया गया। पूरे वर्ष परिश्रम के बाद आखिरकार उसे सेना में जगह मिली। जनवरी महीने में नदिया के कल्याणी में बीएसएफ में भर्ती के लिए विज्ञप्ति जारी हुई थी जिसे देख उसने आवेदन कर दिया। इससे संबंधित सभी परीक्षाओं को उसने पास किया और आखिरकार उसे अपनी ज्वाइनिंग को लेकर चिट्ठी मिली। उसे चिट्ठी के जरिये जानकारी दी गयी है कि 13 मई से उसे मालदह जिले में 115 नंबर बटालियन में ड्यूटी संभावनी होगी। अंबिका का कहना है कि उसकी इस सफलता के पीछे उसकी मां का हाथ जिन्होंने हमेशा उन्हें इसके लिए हौसला दिया। उसे अपने पिता पर गर्व है। अब वह अपनी मां का सपना पूरा कर बहुत खुश है। अंबिका की मां का कहना है कि उनके बेटे ने उनका सपना पूरा दिखाया है। बेटियां कुछ भी कर सकती हैं। उनके पति भी यही चाहते थे कि उनकी बेटियों में कोई का कोई देश की सेवा में कर्मरत हो। सुनीति देवी का कहना है कि उन्हें पूरा भरोसा है कि अंबिका आगे भी अपने जीवन में ऐसे ही आने वाले चुनौतियां को पार करेगे। उन्हें अपनी बेटी पर गर्व है।

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