मेट्रो के टिकटिंग सिस्टम में बदलाव, क्यूआर कोड के जरिये हो रही है एंट्री

‘मेट्रो राइड कोलकाता’ ऐप के माध्यम से क्यूआर कोड के जरिये किया जा रहा है रिचार्ज
टिकट के लिए अब यात्रियों को लाइन में खड़े रहने की जरूरत नहीं
कोलकाता : कोलकाता मेट्रो में एक बार फिर टिकटिंग सिस्टम प्रणामी में बदलाव देखने को मिल रहा है। अब यात्री बिना मेट्रो के लाइन में खड़े ही क्यूआर कोड के माध्यम से टिकट प्रणाली का लाभ लेते हैं। 1984 को कागज पर प्रिंटेड कार्ड टिकट (पीसीटी) मैनुअली जारी किए गए। यह टिकटिंग सिस्टम कोलकाता मेट्रो में 1984 से 1996 तक 12 साल तक चला, परंतु जैसे-जैसे समय आगे बढ़ा, मेट्रो रेलवे ने आधुनिक तकनीक को अपनाया और सभी मेट्रो स्टेशनों पर टर्नस्टाइल गेट लगाए गए जो कि 1996 में पूरी तरह से चालू हो गये। मई, 1996 से कोलकाता मेट्रो में मैग्नेटिक स्ट्रिप टिकट (एमएसटी) शुरू किया गया। यह टिकट प्रणाली 1996 से 2011 तक 15 वर्षों के लिए लागू थी।
टोकन सिस्टम से आया बदलाव : 2011 में मेट्रो रेलवे के विभिन्न स्टेशनों पर स्वचालित किराया संग्रह और यात्री नियंत्रण (एएफसी-पीसी) गेट्स की शुरुआत की गई। ये स्वचालित किराया एएफसी-पीसी गेट 2011 में सभी स्टेशनों पर स्थापित किए गए थे। जुलाई, 2011 से यात्रियों ने स्मार्ट कार्ड या स्मार्ट टोकन खरीदकर मेट्रो में यात्रा शुरू की। इन नए एएफसी-पीसी गेटों के चालू होने के बाद मेट्रो में मैग्नेटिक स्ट्रिप टिकट पुराने ढंग के हो गए। मेट्रो में केवल स्मार्ट टोकन और स्मार्ट कार्ड धारकों को ही यात्रा करने की अनुमति थी। टिकट प्रणाली में इस बदलाव ने मेट्रो यात्रियों को बहुत खुश किया।
पेपरलेस सिस्टम को किया गया लागू : जैसे-जैसे इंटरनेट लागू हो गया, यात्रियों के लाभ के लिए इस तकनीक को अपनाना आवश्यक समझा गया। मेट्रो ने यात्रियों के लिए 30 जून 2020 को स्मार्ट कार्ड की ऑनलाइन रिचार्ज सुविधा शुरू की। कम्प्यूटर के माध्यम से स्मार्ट कार्ड को रिचार्ज या टॉप-अप किया गया। मेट्रो रेलवे की वेबसाइट से काउंटर पर जाये बिना लोग आराम से इंटरनेट के माध्यम से अपना कार्ड रिचार्ज कर पा रहे थे। मेट्रो ने 3 दिसम्बर 2021 को ग्रीन लाइन में क्यूआर कोड आधारित टिकट प्रणाली की शुरुआत की। मेट्रो रेलवे स्टेशनों में मौजूद एएफसी-पीसी गेट्स के क्यूआर कोड स्कैनर और हार्डवेयर अपग्रेड करने के बाद अन्य कॉरिडोर पर भी इस सुविधा का विस्तार करने के लिए काम कर रही है। मेट्रो यात्रा को सुगम बनाने के लिए 5 मार्च को ‘मेट्रो राइड कोलकाता’ ऐप लॉन्च किया गया। इससे यात्रियों को अब बुकिंग काउंटरों के सामने कतार में खड़े होने की आवश्यकता नहीं है। इस संबंध में मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कौशिक मित्रा ने बताया कि मेट्रो रेलवे बदलते समय के साथ यात्रियों की सुविधा के लिए लगातार खुद को विकसित कर रही है। फिलहाल ब्लू लाइन, ग्रीन लाइन और पर्पल लाइन चालू हैं। कवि सुभाष से हेमंत मुखोपाध्याय स्टेशनों (ऑरेंज लाइन) तक एक और गलियारा जल्द ही वाणिज्यिक सेवाओं के लिए खोला जाएगा। अन्य मेट्रो रूट भी शीघ्र ही चालू हो जाएंगे।

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