प्रचंड गर्मी से परेशान जानवर : चिड़ियाघर में की गई कूलर और पंखों की व्यवस्था

– जानवरों के लिए गर्मी में लगाए गए फव्वारे, खान-पान में भी हुआ बदलाव
कोलकाता : महानगर में पारा चढ़ने से इंसान ही नहीं, बल्कि जानवर भी परेशान हैं। इस कड़ी में अलीपुर चिड़ियाघर में वन्यजीवों के खाने के मेन्यू में बदलाव किया गया है। साथ ही बाड़े में कूलर व पंखों की व्यवस्था की गई है, जिससे वन्यजीव चुभन भरी गर्मी में ठंडी हवा में आराम फरमा सकें। 147 साल पुराने अलीपुर चिड़ियाघर के अधिकारियों ने पानी के छिड़काव, डिहाइड्रेशन को दूर करने के लिये विशेष आहार की व्यवस्‍था की है। इसके साथ ही कोलकाता नगर निगम को चिड़ियाघर में और अधिक पानी की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है।
पानी में ग्लूकोज घोलकर दिया जा रहा है
पश्चिम बंगाल के वन मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक ने बताया ”हम चिड़ियाघर में जानवरों और पक्षियों के पीने के पानी में ओरल रिहाइड्रेशन सॉल्यूशन (ओआरएस) पाउडर मिला रहे हैं। साथ ही कुछ जानवरों के टब में बर्फ के टुकड़े डाले जा रहे हैं जहां वे नहाते हैं। इसके अलावा, जगह को अंधेरा और ठंडा रखने के लिए बांस की चटाइयां लगाई गई हैं और हाथियों के लिए स्प्रिंकलर की व्यवस्‍था की गई है। मंत्री ने कहा कि राज्य के सभी चिड़ियाघरों में, जहां भी आवश्यकता है, इसी तरह के कदम उठाए जा रहे हैं। अभी तक कोई भी पशु-पक्षी गर्मी के कारण बीमार नहीं पड़ा है।
बाड़ों में लगे स्प्रिंकलर
गर्मी से राहत दिलाने के क्रम में बाड़ों में स्प्रिंकलर की व्यवस्था की गई है। साथ ही वन्यजीवों को सुबह-शाम नहलाया जा रहा है। एक अधिकारी ने कहा कि शाकाहारियों के लिए हरी सब्जियों की मात्रा बढ़ा दी गई है और पक्षियों के लिए तरबूज और मौसमी फलों जैसे अधिक पानी की मात्रा वाले फलों की मात्रा बढ़ा दी गई है।
रास्तों पर भी पानी का छिड़काव
किसी भी जानवर के बीमार पड़ने की स्थिति में पशु चिकित्सक यहां सतर्क रहते हैं। अधिकारी ने कहा कि इसके अलावा, चिड़ियाघर के रखवाले दिन में तीन बार सभी बाड़ों का दौरा कर रहे हैं। चिड़ियाघर के रास्तों पर भी पानी का छिड़काव किया जा रहा है और यहां आये लोगों के लिए प्राथमिक उपचार केंद्र में पानी और ओआरएस की व्यवस्‍था की गई है।
न्यू टाउन ‘हरिनालय’ में भी विशेष व्यवस्‍था
इसी तरह, शहर के न्यू टाउन क्षेत्र में मिनी चिड़ियाघर ‘हरिनालय’ के अधिकारियों ने भीषण गर्मी में वहां रहने वाले जानवरों और पक्षियों को सुरक्षित रखने के लिए इसी तरह के उपाय किए हैं। यूनिट के प्रमुख विवेक ओझा ने कहा कि हम दिन में तीन बार जानवरों पर पानी छिड़क रहे हैं और पक्षियों के लिए एक तालाब खोदा गया है। शाकाहारी पशु-पक्षियों को खीरा और तरबूज जैसे पानी की अधिक मात्रा वाले फल दिए जा रहे हैं। ओझा ने कहा कि बंदरों के बाड़े को बांस की चटाइयों से ढक दिया गया है और छप्परों पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है।

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