मां फ्लाईओवर पर ओवर स्पीडिंग के लिए रोजाना 65 वाहनों पर हो रही है कार्रवाई

बासंती हाईवे पर स्पीड पर लगाम कसने के लिए विशेषज्ञों से ली जाएगी मदद
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : कोलकाता ट्रैफिक पुलिस के कर्मियों को हाल ही में सड़क सुरक्षा को सुचारू और व्यवस्थित बनाने के लिए आईआईटी खड़गपुर के विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया गया था। इस प्रशिक्षण शिविर के दौरान बताया गया कि महानगर में सड़कों पर होने वाली दुर्घटनाओं की मुख्य वजह वाहनों की तेज गति है। इसके अलावा बासंती हाईवे पर भी तेज गति के कारण आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं। महानगर का मां फ्लाईओवर इन दिनों शहर का व्यस्ततम फ्लाईओवर माना जाता है। ट्रैफिक पुलिस सूत्रों की माने तो इन दिनों पीक ऑवर्स में मां फ्लाईओवर से हर एक मिनट में 600 वाहन गुजरते हैं। मां फ्लाईओवर के दिन और रात के समय में खाली होने के कारण वाहन तेज रफ्तार से गुजरते हैं। इसके कारण दुर्घटनाओं की संभावना अधिक रहती है। कई बार तेज रफ्तार के कारण अनियंत्रित होकर फ्लाईओ‍वर पर वाहन पलट जाते हैं। इसके कारण वहां पर ट्रैफिक जाम लग जाता है। इस दौरान पुलिस कर्मियों को काफी परेशानी का सामना भी करना पड़ता है। ऐसे में वाहनों की रफ्तार पर लगाम कसने के लिए पुलिस की ओर से फ्लाईओ‍वर पर विशेष स्पीड ट्रैक‌िंग कैमरे लगाए गए हैं। अगर कोई ड्राइवर फ्लाईओवर पर निर्धारित गति से अधिक रफ्तार से वाहन चलाता है तो ऑटोमेटिक ट्रैफिक पुलिस की ओर से उसे चालान भेज दिया जाता है। कोलकाता ट्रैफिक पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि इन दिनों मां फ्लाईओवर पर औसतन रोजाना 65 वाहनों का चालान ओवर स्पीडिंग के लिए काटा जा रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार मां फ्लाईओवर पर औसतन हर महीने 2 हजार वाहनों पर ओवर स्पीडिंग के लिए कार्रवाई की जाती है। इन सभी वाहनों का ऑनलाइन चालान भेज दिया जाता है। पुलिस सूत्रों के अनुसार फ्लाईओवर पर होने वाली अधिकतर दुर्घटनाओं का मुख्य कारण तेज रफ्तार है, इसलिए पुलिस अब इस पर लगाम कसने के लिए पूरी तैयारी के साथ मैदान में उतरने जा रही है।
फ्लाईओ‍वर पर स्पीड और जाम नियंत्रित करने के लिए कई जगह चिह्नित
कोलकाता ट्रैफिक पुलिस मां फ्लाईओवर पर आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए आईआईटी खड़गपुर के विशेषज्ञों से मदद लेने जा रही है। यहां पर प्राथमिक समस्या वाहनों की तेज गति और फ्लाईओवर पर वाहनों के खराब होने या मुंहाने पर वाहनों का लगने वाला जाम है। कोलकाता ट्रैफिक पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आईआईटी-खड़गपुर और जादवपुर विश्वविद्यालय के विशेषज्ञों से संपर्क करने का फैसला किया गया है और उन्होंने उन क्षेत्रों की पहचान की है जिसके लिए वे आईआईटी से राय लेंगे। हाल ही में कोलकाता ट्रैफिक पुलिस कर्मियों को सड़क सुरक्षा को लेकर प्रशिक्षण देने आए आईआईटी खड़गपुर के प्रो.भार्गव मैत्रा से इस सिलसिले में बातचीत हुई है।
पार्क सर्कस कनेक्टर से अधिक वाहनों को चलाना चाहती है पुलिस
पुलिस मां फ्लाईओवर पर वाहनों के दबाव को कम करने के लिए पार्क सर्कस कनेक्टर रोड के जरिए अधिक वाहनों को चलाना चाहती है। पुलिस की ओर से एक प्लान पर काम किया जा रहा है कि ताकि पार्क सर्कस कनेक्टर के रास्ते ज्यादा से ज्यादा वाहनों को चलाया जा सके। ट्रैफिक पुलिस के अनुसार पार्क सर्कस कनेक्टर इस समय शहर की सबसे तेज सड़क है। पुलिस की ओर से मां फ्लाईओवर और पार्क सर्कस कनेक्टर पर रीयल-टाइम डेटा का उपयोग करने की योजना बनायी जा रही है। इसके जरिए वाहनों के ड्राइवर दोनों के बीच एक का चयन कर सकते हैं।
बासंती हाईवे पर दो साल में सड़क दुर्घटनाओं में 26 लोगों की हुई मौत
ट्रैफिक पुलिस सूत्रों के अनुसार बासंती हाईवे पर बीते दो साल में घटी सड़क दुर्घटनाओं में 26 लोगों की मौत हुई थी। हालांकि पुलिस की तत्परता के बाद घातक दुर्घटनाओं की संख्या में कमी आयी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार बासंती हाईवे पर रफ्तार अभी भी एक चिंता का विषय है, विशेष रूप से मीडियन डिवाइडर नहीं होने के कारण यह और खतरनाक हो जाता है। कोलकाता ट्रैफिक पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि बासंती हाईवे पर रात के समय वाहनों की रफ्तार और दुर्घटनाओं को कैसे रोका जाए इसके लिए विशेषज्ञों से सलाह ली जाएगी। पुलिस की ओर से जगह-जगह पीले रंग के स्पीडब्रेकर लगाए गए हैं। सड़क के घुमावदार जगह पर राइट-टर्न एरो को चित्रित किया गया है और रेट्रो-रिफ्लेक्टिव साइनेज और कॉन्वेक्स मिरर स्थापित किए गए हैं।

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