पश्चिम बंगाल में केंद्रीय सुरक्षाबल की 100 कंपनियां पहुंचीं, शिक्षा मंत्री ने जताई आपत्ति

कोलकाता : चुनाव आयोग लोकसभा चुनाव की कभी भी घोषणा कर सकता है। चुनाव से पहले राज्य में केंद्रीय बल आ चुका है। शुक्रवार काे पहले चरण में 100 कंपनियां बंगाल में आ गयी। दूसरे चरण में 50 और कंपनियां आने वाली हैं। बताया जा रहा है कि इन बलों के रुकने के लिए विभिन्न स्कूलों का चयन किया जा रहा है। इस पर एक शिक्षक संगठन ने आपत्ति जतायी है। इसे लेकर बंगाल शिक्षक संगठन ने शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु को ई-मेल के जरिये आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में केंद्रीय बलों के ठहरने से बच्चों की पढ़ाई पर प्रभाव पड़ेगा। इस संदर्भ में बंगाल टीचर्स एंड एम्प्लॉमेंट एसोसिएशन के महासचिव स्वप्न मंडल ने कहा कि गुरुवार को उच्च माध्यमिक की परीक्षा समाप्त हुई है और शुक्रवार से स्कूल सामान्य रूप से शुरू हुई है। ऐसे में स्कूल एडुकेशन के कमिश्नर की अनुमति के बिना स्कूलों में केंद्रीय बलों का कैंप लगा दिया गया है। इससे विद्यार्थियों के पठन-पाठन पर प्रभाव पड़ेगा और समय पर सिलेबस पूरी नहीं हो पायेगी जिससे बच्चों की पढ़ाई पर असर होगा, खासकर उन्हें जो काफी गरीब परिवारों से आते हैं। ऐसी स्थिति में उनकी गुजारिश है कि वे स्कूल एडुकेशन के कमिश्नर को निर्देश दें कि वे 31 मार्च तक स्कूल परिसर में केंद्रीय बलों का कैंप न लगाया जाये। उल्लेखनीय है कि उत्तर कोलकाता के बेथ्यून स्कूल को केंद्रीय बलों का कैंप बनाया गया है। खबर है कि स्थानीय थाने से उस स्कूल को नोटिस भेजा गया है। परिणामस्वरूप, अधिकारियों ने शुक्रवार को स्कूल की सभी कक्षाएं बंद कर दीं। स्कूल सूत्रों के अनुसार, बेथ्यून की शुक्रवार को ग्यारहवीं कक्षा की परीक्षा है। परीक्षा समय पर विद्यालय के मुख्य भवन में होगी, लेकिन बाकी कक्षाएं लंबित रहेंगी। सूत्रों के मुताबिक केवल बेथ्यून ही नहीं, बल्कि कई सरकारी स्कूलों में केंद्रीय बल होंगे। इस सूची में जादवपुर के तीन स्कूल, उत्तरपाड़ा का एक स्कूल शामिल है। इसके अलावा राज्य के अन्य हिस्सों के विभिन्न स्कूलों को भी यह पत्र भेजा गया है।

क्या कहना है बोर्ड अध्यक्ष का ?

इस संबंध में माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष रामानुज गंगोपाध्याय ने कहा कि शिक्षा बोर्ड से इस विषय में आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी नहीं दी गई है। जिन स्कूलों में सीआईएसएफ के जवानों को रखा जा रहा है, उनका चयन कैसे किया गया, उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है। इसमें कुछ निर्णय चुनाव आयोग का भी है, इसकी जानकारी है मगर उन स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई पर इसका काफी प्रभाव पड़ने वाला है। इसके अलावा उन्होंने सवाल उठाया कि सेंट्रल फोर्स को बंगाल बोर्ड के स्कूलों में ही रखने को क्यों कहा गया

रिपोर्ट- विशाखा तिवारी

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