शिक्षा, आत्मनिर्भरता और बदलती सोच ने लड़कियों को दिया नया नजरिया, अब वे शादी को मजबूरी नहीं बल्कि बराबरी और सम्मान पर आधारित साझेदारी के रूप में देखना चाहती हैं
बहू को परिवार का सदस्य मानकर अधिकार बांटना, रसोई व घर की जिम्मेदारियां मिलकर निभाना और उसकी पसंद-नापसंद का सम्मान करना ही सास-बहू के रिश्ते को संघर्ष से बचाकर मजबूत बनाता है