बाल रंगने से पहले जानें सही कलर, पैच टेस्ट और स्किन टोन से मैच करने के जरूरी नियम

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बालों को रंगने से पहले...Ai Generated
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हेयर कलरिंग की प्रथा आज से नहीं वरन सदियों से चली आ रही है। हेयर कलरिंग केशों को एक नया लुक प्रदान करने का एक खूबसूरत तरीका है जिससे सफेद केशों का रंग भी छिपाया जा सकता है और पर्सनेलिटी में निखार भी लाया जा सकता है।

पुराने जमाने की सौंदर्य सजग नारियां बालों को रंगने के लिए मेंहदी, अखरोट और नील का इस्तेमाल किया करती थीं पर आज मेंहदी का स्थान ले लिया है कॉस्मेटिक हेयर कलर्स ने।

बाजार में सेमी-पर्मानेंट और टेंपरेरी यानी अस्थाई कई तरह के हेयर कलर्स बालों को खास चमक और रंगत देने के लिए उपलब्ध हैं। केशों को अधिक से आकर्षक दिखाने और दूसरों से अलग हटकर केशविन्यास करने की चाह रखने वालों/वालियों की सबसे पहली पसंद हैं रंगीन केश। जी हां, विगत 2 वर्षों में केशों के विशिष्ट रंगों में रंगने का चलन काफी तेजी से बड़ा है।

हेयर कलरिंग पसंद करने वालों को अब नीले, नारंगी, लाल, सुनहरे, गुलाबी, बैगनी जैसे अलग टाइप के रंग भी भाने लगे हैं। पारंपरिक रंगों यानी काले, मेंहदी लाल, भूरे बालों का अब फैशन बीते समय की बात हो गई है। उपरोक्त रंगों के अलावा और अन्य कई रंग भी बाजार में उपलब्ध हैं जिन का इस्तेमाल केशों को रंगने में किया जा रहा है और इन्हें सराहा भी जा रहा है।

हेयर कलर करवाने से पहले कुछ और खास बातों पर ध्यान देना जरूरी है जैसे-

  • कलरिंग के पूर्व पैच टेस्ट अवश्य कर लें। पैच टेस्ट के लिए अपने कान के पीछे के हिस्से या कोहनी को एक रूई के फाहे में कोई भी तेल ले कर साफ करें, फिर कलरिंग प्रोडक्ट लगाएं। 24 घंटों तक यदि आप को कोई जलन या खुजली न हो तो ही कलरिंग प्रोडक्ट का प्रयोग करें।

  • कलर का चुनाव केशों के नेचुरल कलर के अनुरूप, त्वचा के रंग, केशों के स्टाइल व व्यक्तित्व को ध्यान में रख कर ही करें।

  • बालों को रंगने से पहले देख लें कि सिर की त्वचा पर किसी किस्म के जख्म या फोड़े- फुंसी आदि तो नहीं हैं? जब केश झड़ रहे हों या केशों में रूसी या चर्म रोग हों तो ऐसी अवस्था में कलरिंग न कराएं।

  • अगर आपका रंग सांवला है तो नेचुरल कलर्स जैसे कि ब्राउन ही इस्तेमाल करें। आप स्किन कलर से हटकर बालों को कलर करेंगे तो यह थोड़ा बेढंगा दिखेगा। बाल स्ट्रेट या पर्म करवाते वक्त कलरिंग न करें। अगर ऐसा करवाना भी हो तो कम से कम 6 हफ्तों का इंतजार करें।

  • कलरिंग के बाद बालों को सूर्य की तेज धूप से बचाएं। धूप में बाल खराब हो सकते हैं। वैसे पहली बार किसी ब्यूटी सेलून में जाकर हेयर कलरिंग करवाना ही सेफ रहेगा। धूप में घर से निकलते वक्त केश ढक लें।

  • लाइट ब्राउन या ब्लॅान्ड कलर इंडियन स्किन टोन के हिसाब से बिलकुल भी सही नहीं है। बालों को कलर करते वक्त अपनी आंखों को बचाए रखें। लगाने से पहले हमेशा नियमों को अच्छी तरह से पढ़ लें।

  • स्वीमिंग के बाद रंगीन केशों की रसायन के साथ प्रतिक्रिया न होने पाए, इसके लिए केशों को शैम्पू से अच्छी तरह से धो ले। केशों में रंग का प्रभाव ज्यादा समय तक बनाए रखने के लिए मार्केट में आजकल ऐसे भी शैम्पू उपलब्ध हैं जो इस रंग को ज्यादा समय तक टिकाए रखेंगे।

  • कलरिंग के पूर्व हेयर कट या ट्रिमिंग कराएं। कलरिंग के बाद किसी अन्य स्टाइलिंग प्रक्रिया को तुरंत न कराएं।

सेतु जैन(उर्वशी)

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