कोलकाता में रह रहीं पाकिस्तानी दुल्हनों के लिए मायके जाना मुश्किल, जानें क्या है मामला ?

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कोलकाता : बीते कुछ साल से पाकिस्तान को लेकर केंद्र सरकार का सख्त रवैया है। इसके अलावा पाकिस्तान के खुफिया एजेंट और आईएसआई की गतिविधियों पर केंद्रीय और कोलकाता खुफिया एजेंसियों की पैनी नजर है। इसलिए कोलकाता में पाकिस्तानी दुल्हनों के ‘रिश्तेदारों’ का आना-जाना कम हो गया है। केंद्रीय खुफिया सूत्रों के मुताबिक, पूरे कोलकाता में अब करीब 60 पाकिस्तानी महिलाएं हैं। हालाँकि, अलग-अलग उम्र की ये महिलाएं अब शहरवासियों की दुल्हनें हैं। गौरतलब है कि कुछ महीने पहले पार्क सर्कस इलाके के एक युवक ने पाकिस्तान की एक युवती से शादी की थी। युवक और उसका परिवार अपनी दुल्हन के साथ पाकिस्तान सीमा पार करके कोलकाता आ गया। हालांकि, खुफिया सूत्रों ने कहा, कोलकाता के पाकिस्तानी नागरिक शहर में 15 साल तक लगातार रहने के बाद भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन कर सकते हैं। हालाँकि, उनके लिए नागरिकता प्राप्त करना आसान नहीं है। ऊपर से पाकिस्तानी महिलाओं और उनके परिवार वालों पर भी खुफिया विभाग की नजर है। उनके लिए अपनी इच्छानुसार पाकिस्तान में अपने पिता के घर जाना संभव नहीं है। इसलिए इन पाकिस्तानी महिलाओं के मायके के लोग अपनी बेटी से मिलने के लिए कोलकाता आना चाहते हैं। खुफिया जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान के प्रति केंद्र के सख्त रवैये के कारण इन पाकिस्तानी दुल्हनों का अपने पैतृक रिश्तेदारों या रिश्तेदारों के यहां आना-जाना काफी कम हो गया है।

कोरोना काल के बाद पाकिस्तानियों का कोलकाता आना हुआ कम

सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी के सर्वे के मुताबिक, साल में 100 से 150 पाकिस्तानी नागरिक इन महिलाओं के रिश्तेदार बनकर कोलकाता आते थे। लेकिन कोरोना की स्थिति शुरू होने से कुछ साल पहले से ही केंद्र सरकार पाकिस्तानी नागरिकों को वीजा जारी करने में जल्दबाजी कर रही है। तो 2019 तक ये संख्या घटकर लगभग 50 रह गयी थी। 2020 में शुरू हुआ कोरोना का असर 2021 तक चला। इन दो वर्षों के दौरान किसी भी पाकिस्तानी नागरिक को कोलकाता आने की अनुमति नहीं दी गयी थी। 2022 में, पंद्रह पाकिस्तानी नागरिकों को विशेष आधार पर बेटी से मिलने की अनुमति दी गई थी। पिछले साल कोरोना की स्थिति पूरी तरह सामान्य हो गई। लेकिन 35 से ज्यादा पाकिस्तानी नागरिकों और इन पाकिस्तानी महिलाओं के रिश्तेदारों को कोलकाता आने की इजाजत नहीं दी गई। सूत्रों के मुताबिक, खुफिया एजेंसियों को क्रिकेट वर्ल्ड कप से पहले ही अंदाजा था कि कई पाकिस्तानी नागरिक कोलकाता में मैच देखने आ सकते हैं। लेकिन व्यावहारिक तौर पर खेल के दौरान एक भी पाक नागरिक दर्शक के तौर पर कोलकाता नहीं आये थे। खुफिया सूत्रों के मुताबिक इस सख्त रवैये की मुख्य वजह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई की गतिविधियां हैं। इससे पहले भी कोलकाता से कई आईएसआई एजेंटों को गिरफ्तार किया जा चुका है। कोलकाता की पाकिस्तानी दुल्हनों के पाकिस्तानी रिश्तेदारों और रिश्तेदारों को लेकर भी केंद्रीय जासूस कोई जोखिम नहीं उठाना चाहते हैं। इंटेलिजेंस का दावा है कि ऐसी संभावना है कि आईएसआई किसी रिश्तेदार का इंतजाम कर एजेंट को कोलकाता भेज सकती है। पाकिस्तानी दुल्हनें अपने परिवार से फोन पर संपर्क में रहती हैं। इसलिए जासूस उनकी हरकतों पर नजर रख रहे हैं। अगर वे कोलकाता छोड़कर देश के दूसरे शहरों में जाते हैं तो भी उन्हें एक पोर्टल के जरिए इजाजत लेनी होती है। यहां तक की अगर वे लोग कोलकाता शहर से किसी दूसरे जिले में जाते हैं तो उन्हें इसकी अनुमति पुलिस के खुफिया विभाग से लेनी होती है। जासूसों ने बताया कि आईएसआई एजेंटों को रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।

 

रिपोर्ट- दीपक रतन मिश्रा

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