फिर उठने लगी कोयला तस्करी में लपटे, कई और जाएंगे लपेटे

कोयला तस्करी मामले में अब तक 41 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दे चुकी है सीबीआई
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : एक बार फिर सीबीआई की टीम ने कोयला तस्करी में बड़ी कार्रवाई करते हुए यह साबित कर दिया है कि यह मामला अभी भी सुलग रहा है। गुरुवार को ईसीएल और सीआईएसएफ के पूर्व अधिकारी को सीबीआई की टीम ने गिरफ्तार कर लिया। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक इस मामले में अब तक की छानबीन में कुछ और लोगों के बारे में पता चला है। अब तक इस मामले में 41 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। पूर्व में 19.07.2022 को सीबीआई की ओर से आसनसोल कोर्ट के समक्ष तत्कालीन महाप्रबंधकों, तत्कालीन मुख्य प्रबंधकों, तत्कालीन सुरक्षा और ईसीएल के अन्य अधिकारियों और निजी व्यक्तियों और निजी कंपनियों सहित 41 अभियुक्तों के खिलाफ चार्जशीट दायर की गयी थी।
2020 में दर्ज​ किया गया था मामला
27.11.2020 को इस आरोप पर मामला दर्ज किया गया था कि मई, 2020 और उसके बाद एक निजी व्यक्ति, सुरक्षा कर्मियों सहित ईसीएल के लोक सेवकों और सीआईएसएफ, रेलवे, अन्य विभागों सहित अज्ञात अधिकारियों और अज्ञात अन्य लोगों ने साजिश रची और उसके अनुसरण में उक्त साजिश के तहत, उन्होंने ईसीएल के लीजहोल्ड क्षेत्रों के कोयला रिजर्व से और रेलवे साइडिंग में कोयले के स्टॉक से भी बिक्री और आपूर्ति के लिए धोखे से कोयले की हेराफेरी की। इस मामले में जब अनूप माझी उर्फ लाला के यहां आयकर की टीम ने छापा मारा तो उस दौरान आयकर की टीम को ऐसी फाइलें मिलीं जिसे देखकर अधिकारियों के हाेश उड़ गये। करोड़ों की बेनामी संपत्ति का भी पता चला था। कैश के अलावा किलो में गहने जब्त हुए थे। इसके बाद लाला की फाइल को दिल्ली स्थित इकॉनामिक ऑफेंस की टीम के पास भेजा गया। इसके बाद ईडी की टीम तथा सीबीआई की टीम ने अपनी कार्रवाई शुरू की।
बंगाल से झारखंड, बिहार और यूपी तक फैला था मकड़जाल
सीबीआई ने अभियुक्तों के परिसरों पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश आदि राज्यों सहित विभिन्न स्थानों पर तलाशी भी ली थी। आगे की जांच के दौरान, गिरफ्तार अभियुक्तों की भूमिका भी सामने आई, जिन्होंने कथित रूप से सह-अभियुक्तों से रिश्वत के रूप में भारी नकदी के रूप में अनुचित लाभ प्राप्त किया और ईसीएल लीजहोल्ड क्षेत्र और संबंधित रेलवे साइडिंग से कोयले की हेराफेरी की। यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपी ने अन्य आरोपियों द्वारा चलाए जा रहे अवैध कोयला सिंडिकेट को अनुचित संरक्षण और संरक्षण दिया। इस मामले में सीबीआई की टीम को पता चला है कि लाला के राज्य के बड़े नेताओं और कई रसूख वालों से डायरेक्ट संपर्क है। इसके अलावा उसके यहां से करोड़ों रुपये तो सिर्फ अधिकारियों व नेताओं को घूस देने में जाते हैं। अब इस मामले में और बड़ी कार्रवाई हो सकती है।

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