Kolkata: कभी भी गिर सकती हैं हावड़ा की ये इमारते, मकान छोड़ने का नोटिस हुआ जारी

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हावड़ा : हाल ही में हुई गार्डनरीच की घटना ने हावड़ा निगम की आंखें खोल दीं। इसके बाद निगम की ओर से अवैध निर्माणों पर नकेल कसी जाने की प्रक्रिया शुरू हो गयी। इस बीच हावड़ा की खतरनाक इमारतों की सूची भी लंबी होती चली जा रही है। वहीं मानसून के आने से जर्जर इमारतों के ढहने का खतरा बना रहता है। हावड़ा में खतरनाक इमारतों की संख्या लगभग 400 के आसपास पहुंच गयी है। इन बेहद जर्जर इमारतों में लगभग सैकड़ों परिवार रहते हैं। हावड़ा में बेलूड़, बाली, जीटी रोड, धर्मतल्ला रोड, घुसुड़ी, बांधाघाट, शिवपुर, फोरशोर रोड समेत कई इलाके शामिल हैं, जहां पर सबसे ज्यादा खतरनाक व जर्जर इमारतें हैं। एक ओर रेमल आने से पहले ही निगम ने इन इमारतों में रहनेवाले लोगों को लेकर चिंता जतायी थी। वहीं अब इस मानसून में इन इमारतों में रहने वाले परिवारों की जान को खतरा है क्योंकि निगम की ओर से उनकी इमारतों में सालों से खतरनाक इमारतों का बोर्ड लगाया जा चुका है, बावजूद इसके लोग इमारतों को छोड़ने को तैयार नहीं हैं।

क्या कहना है खतरनाक इमारत में रहने वाले लोगों का:

रोहित जायसवाल जो कि एक दुकान में कार्यरत हैं, का कहना है कि वह एक छोटी सी दुकान में काम करते हैं। उनके घर में कमानेवाला और कोई नहीं है। इसलिए वे ऐसे घर में रहने को मजबूर है। वहीं अभिलाषा सिंह कहती है कि वह अभी तो कॉलेज में पढ़ती है। अगर उनका बस चलता तो वे लोग रहां नहीं रहते लेकिन उनके पास कोई और आशियाना नहीं है। इसलिए वे यहां रह रहे हैं। इधर एक वृद्ध का भी कहना है कि उनके बच्चे नहीं हैं। ऐसे में वे परेशानी में ही यहां रह रहे हैं। उन्हें अगर सहयोग दिया जाये तो वे कहीं और जाने के बारे में सोच सकते हैं।

कई बार गिर चुका है जर्जर इमारतों का हिस्सा : 

हावड़ा के बांधाघाट मोड़ पर एक जर्जर इमारत का हिस्सा गिरने से रोड पर खड़े कुछ लोग बाल बाल बच गए थे। यह घटना उत्तर हावड़ा के 16, वृन्दावन दत्त लेन की थी। यहां पर 1 दो तल्ले की जर्जर इमारत थी और बारिश होने के बाद वह लगातार कमजोर होती गई और आखिरकार इमारत का एक हिस्सा गिर गया। इसमें चार परिवार रहते हैं। किरायेदार का कहना है कि उन लोगों का बाड़ी वाले से विवाद चल रहा है। इसके कारण इस इमारत को ठीक नहीं कराया जा रहा है। वहीं रेमल के कारण मालीपांचघड़ा थानांतर्गत 190 धर्मतल्ला रोड पर एक पुरानी इमारत के एक हिस्से को तोड़ दिया गया था। इस बारे में पूर्व पार्षद रायचरण मन्ना ने कहा था कि दरअसल यह इमारत 40 साल से भी ज्यादा पुरानी थी। इसमें कई बार हावड़ा नगर निगम की ओर से खतरनाक इमारत की नोटिस भी लगाई जा चुकी है। इसके बावजूद एक वृद्ध इसमें रहते हैं। वहीं रमेल के कारण इमारत का कुछ हिस्सा कमजोर हो गया था। इसका एक हिस्सा गिर गया था बाकी भी गिरने का डर बना हुआ था।

क्या कहना है ​निगम का

खतरनाक इमारत में वे अपने जीवन को दाँव पर लगाकर यहाँ रह रहे हैं। हावड़ा नगर निगम के चेयरमैन डॉक्टर सुजय चक्रवर्ती ने बताया कि शहर में करीब 100 के आसपास खतरनाक इमारतें हैं। इनमें करीब 90 के आसपास जर्जर इमारतें हैं जिनमें नोटिस लगाई जा चुकी है, साथ ही कई इमारतों को तोड़ा भी जा चुका है। इसके बाद इन इमारत में रहनेवालों को दोबारा भी नोटिस दे दी गयी है लेकिन सबकी अपनी अपनी परेशानियां हैं।

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