CBI का बड़ा खुलासा : दीमक की तरह पूरे सिस्टम में फैल चुका था पालिकाओं में भ्रष्टाचार

 सीबीआई का नया खुलासा
नगरपालिकाओं से मिले ओएमआर शीट और अन्य दस्तावेजों की छानबीन शुरू
सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : एसएससी मामले के बाद पालिकाओं में भर्ती से जुड़े भ्रष्टाचार की छानबीन में सीबीआई को कई चौंकाने वाले तथ्य मिले हैं। गत बुधवार को की गयी छापामारी में विभिन्न नगरपालिकों से काफी दस्तावेज सीबीआई की टीम ने जब्त किये है। इनमें उत्तर दमदम नगरपालिका से 500 ओएमआर बरामद की गयी है। सीबीआई की छानबीन में पाया गया है कि राज्य के शहरी विकास विभाग से जब्त दस्तावेजों में और नगरपालिकाओं से बरामद दस्तावेजों से मेल नहीं हो पा रहा है। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक दमदम, उत्तर व द​क्षिण दमदम के अलावा हालीशहर, बारानगर, पानीहाटी, टीटागढ़, कमरहट्टी, कांचरापाड़ा, न्यू बैरकपुर, टॉकी व बादुड़िया सहित 14 नगरपालिकाओं के दफ्तरों में हुई छापामारी में जब्त दस्तावेजों की जांच करने पर पता चला है कि यह घोटाला भी कम से कम 100 करोड़ से ऊपर जाएगा।

ओएमआर शीट की छानबीन के लिए एक्सपर्ट की सलाह लेगी सीबीआई

सीबीआई सूत्रों की माने तो ओएमआर शीट जब्ती के बाद कई और दस्तावेज मिले हैं। कई इलेक्ट्रानिक फाइलें भी हैं। इन सबकी छानबीन की जा रही है। ओएमआर शीट और भर्ती से जुड़े अन्य दस्तावेजों की जांच के लिए सीबीआई की टीम एक्सपर्ट की सलाह ले सकती है। आरोप है कि नगर पालिका में ड्राइवर से लेकर टाइपिस्ट तक सभी पदों पर नौकरियां लाखों रुपए में बेची गयी थी। इस बारे में जब नगरपालिकाओं के चेयरमैन व इंजीनियरों से पूछताछ की गयी तो अधिकारियों को कोई विशेष सहयोग नहीं मिला। अधिकतर का कहना था कि वे इस टर्म में आये हैं, पिछले चेयरमैन के देखरेख में भर्ती प्रक्रिया को अंजाम दिया गया था।

ओएमआर शीट के ढेर से दोषियों को तलाशती सीबीआई

सीबीआई की नजर इससे जुड़े दोषियों पर है। इस कांड के मास्टर माइंड अयन शील के घर से इससे जुड़े दस्तावेज पहले ही जब्त किये जा चुके है। अब इ ओएमआर शीट का ढेर से भी दोषियों तक सीबीआई पहुंचना चाहती है। एसएससी या प्राथमिक शिक्षा घोटाले में कोर्ट से सीबीआई को कई बार फटकार मिल चुकी​ है। इसलिए इस बार कोई भी गलती के मूड में सीबीआई के अधिकारी नहीं दिख रहे हैं। नगरपालिका भर्ती परीक्षा में भी ओएमआर शीट का इस्तेमाल किया गया था। इसमें से सिर्फ उत्तर दमदम नगरपालिका से करीब 500 ओएमआर बरामद किए गए हैं।

2014 से 2019 के बीच नगरपालिकाओं में ली गयी थी भर्ती परीक्षा

सूत्रों के अनुसार ये 2014 से 2019 के बीच नगरपालिका में विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए ली गई परीक्षा की ओएमआर शीट हैं। जांचकर्ता इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या ओएमआर शीट उन नौकरी पाने वालों की है जिन्हें कथित तौर पर उस दौरान की सिफारिशों के आधार पर नौकरी ली थी। सीबीआई सूत्रों ने बताया कि दस्तावेजों में कई डिजिटल सबूत भी जब्त किए गए हैं। जांच अधिकारी इनकी जांच करेंगे। 2014 से 2019 के बीच उत्तर 24 परगना के लगभग 6 से अधिक नगरपालिकाओं में विभिन्न पदों पर भर्ती के लिए ली गई परीक्षा की ओएमआर शीट मिल चुकी हैं।

जल्द बुलाया जाएगा पूर्व अधिकारियों को

सीबीआई सूत्रों की माने तो टेंडर व अन्य दस्तावेजों की जांच के दौरान लिस्ट बनायी जा रही है। इस लिस्ट के मुताबिक उन अधिकारियों को बुलाया जाएगा जिनके हस्ताक्षरों के आधार पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की गयी थी। हरेक नगरपालिका से लगभग दर्जन भर अधिकारियों और कर्मियों को तलब किया जाएगा। इनमें से कुछ ऐसे भी हैं जो कि रिटायर्ड भी हो चुके हैं। नगरपालिका के अलावा अयन शील के हुगली स्थित घर और साल्टलेक स्थित घर से भी कई ओएमआर शीट जब्त की गई हैं। मालूम हो कि पिछले बुधवार को चलाया गया सर्च ऑपरेशन पहला कदम था। केंद्रीय एजेंसी को पता चला है कि भर्ती की प्रक्रिया के लिए अयन शील की एजेंसी का चयन किया गया था। यह किसके कहने पर किया गया था क्यों किया गया, सबकी छानबीन की जा रही है। सीबीआई ने भ्रष्टाचार की जड़ तक पहुंचने के लिए यह तलाशी ली थी। अब सीबीआई के पास हजारों की संख्या में ओएमआर शीट मिले हैं। जांचकर्ताओं का दावा है कि उत्तर 24 परगना की 6 नगरपालिकाओं में हर स्तर पर भर्ती में हजारों नौकरियां बिकी हैं।

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