Loksabha Elections in Bengal : मिदनापुर में फैशन और ग्लैमर के बीच होगा रोचक मुकाबला

मिदनापुर : पश्चिम मिदनापुर जिले की 2 लोकसभा सीटों में एक मिदनापुर और दूसरी घाटाल लोकसभा सीट है। यूं तो दोनों ही सीटों पर स्टार उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं, लेकिन राजनीतिक रूप से मिदनापुर लोकसभा सीट पर होने वाले चुनावी मुकाबले पर लोगों की नजरें ज्यादा टिकी हुई हैं। मिदनापुर लोकसभा सीट से दो महिला उम्मीदवार चुनावी मैदान में आमने-सामने हैं जो विधायक भी हैं। तृणमूल की ओर से मिदनापुर की विधायक जून मालिया हैं तो भाजपा की ओर आसनसोल दक्षिण की विधायक अग्निमित्रा पॉल चुनावी मैदान में हैं। मिदनापुर लोकसभा सीट से लोकसभा का चुनाव लड़ रहीं दोनो महिला विधायकों के बीच यदि तुलना की जाए तो राजनीतिक रुप से दोनों ही सफल नेत्री हैं। भाजपा की अग्निमित्रा पॉल ने 2019 में तो जून मालिया ने 2021 में राजनीति में कदम रखा और 2021 के विधानसभा चुनाव में जीत हासिल कर दोनों विधायक बन गयीं। इससे यह स्पष्ट है कि अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र में दोनों ही लोकप्रिय हैं, लेकिन यह चुनाव विधानसभा का नहीं लोकसभा का है। ऐसे में दोनों दलों के उम्मीदवारों के लिए लड़ाई आसान नहीं होगी।

2019 में दिलीप घोष ने जीत हासिल की थी

यहां उल्लेखनीय है कि वर्ष 2019 में मिदनापुर लोकसभा सीट से दिलीप घोष ने जीत हासिल की थी। एक तरह से कहा जा सकता है कि मिदनापुर लोकसभा सीट को भाजपा ने तृणमूल से छीन लिया था। इस कारण इस बार दोनों ही दलों के लिए यह आन का मामला है। टीएमसी मिदनापुर सीट पर फिर से कब्जा जमाने के लिए पूरा जोर लगाने में जुट गई है तो भाजपा उस सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखने की लड़ाई में लग गई है।
इस सीट को लेकर भाजपा काफी सजग
भाजपा इस सीट को लेकर काफी सजग है और संभवतः यही कारण है कि घाटाल लोकसभा सीट के लिए त्वरित ही प्रार्थी के नाम की घोषणा कर दी गयी थी। मिदनापुर लोकसभा सीट के लिए काफी समय लिया गया और उसके बाद अग्निमित्रा पॉल को खड़ा किया गया। फिलहाल दोनों ही दलों की उम्मीदवार अपने-अपने तरीके से चुनाव प्रचार करने में लगी हुई हैं।यह है सीट का समीकरणमिदनापुर लोकसभा सीट में मिश्रित आबादी रहती है। यहां खड़गपुर सदर विधानसभा में हिन्दीभाषियों की संख्या अधिक है और इस सीट पर भाजपा का कब्जा है। हालांकि बाकी 6 विधानसभा सीटों एगरा, दांतन, केशियाड़ी, नारायणगढ़, खड़गपुर और मिदनापुर में टीएमसी के विधायक हैं। वर्ष 1980 से 2014 तक लगातार यहां माकपा का कब्जा रहा है। 2014 में टीएमसी ने यहां से संध्या राय को उम्मीदवार बनाया था जो जीत गयी थीं। हालांकि 2019 के लोकसभा चुनाव में दिलीप घोष ने यहां से टीएमसी के मानस रंजन भुइयां को हराया था।

 

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