

बलिया : उत्तर प्रदेश के परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने अयोध्या स्थित राम मंदिर में दान के कथित गबन मामले में इस्तीफा देने वाले श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पदाधिकारियों चंपत राय और अनिल मिश्रा का परोक्ष रूप से बचाव करते हुए कहा कि विपक्षी दल उन लोगों पर आरोप लगा रहे हैं, जिन्होंने अपना जीवन समाज और देश के लिए समर्पित कर दिया है।
सिंह ने सोमवार को रसड़ा क्षेत्र के नागपुर गांव में आयोजित एक कार्यक्रम में राम मंदिर में दान में कथित गड़बड़ी को लेकर विपक्षी दलों द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा, भगवान राम के अस्तित्व को नहीं मानने वाले और आज तक राम के दर्शन के लिए नहीं जाने वाले लोग उन व्यक्तियों पर आरोप लगा रहे हैं, जिन्होंने अपना जीवन समाज और देश के लिए समर्पित कर दिया है। ये लोग जंगलों में जाकर काम करते रहे, भूखे रहकर काम करते रहे जबकि विपक्षी दल केवल अपने परिवार के लिए राजनीति करते हैं। दोनों में जमीन-आसमान का अंतर है।
सिंह ने कहा कि चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मामले में जिस स्तर पर अनियमितता हुई है, उसकी जांच की जा रही है। गलतियां होती हैं। दोषी लोगों को पकड़ा जा रहा है। राम मंदिर के कथित चढ़ावा गबन प्रकरण के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्रा ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। इन इस्तीफों पर अंतिम निर्णय ट्रस्ट की अगली बैठक में लिया जाएगा।
परिवहन राज्य मंत्री ने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा और कहा कि वह इटावा में बन रहे ‘केदारेश्वर शिव मंदिर’ की तुलना अयोध्या के राम मंदिर से कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, अयोध्या हिंदुओं के लिए उसी तरह है, जैसे मुसलमानों के लिए मक्का-मदीना और ईसाइयों के लिए वेटिकन सिटी। आप अयोध्या की तुलना इटावा से कैसे कर सकते हैं? आप इटावा में मंदिर बनवा रहे हैं, इसके लिए आपको धन्यवाद लेकिन अयोध्या की तुलना इटावा से न करें।