CM योगी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को ‘यशोदा मां’ बताकर सौंपी बड़ी जिम्मेदारी

कहा- सुपोषित शिशु और स्वस्थ मां से ही सशक्त भारत
लखनऊ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन और नियुक्ति पत्र वितरण समारोह
लखनऊ में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन और नियुक्ति पत्र वितरण समारोह
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लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को प्रेरित करते हुए सोमवार को कहा कि यदि नवजात शिशु सुपोषित और मां स्वस्थ है, तो भारत का भविष्य सशक्त माना जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने यहां आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन और नियुक्ति पत्र वितरण समारोह को संबोधित करते हुए कहा, अगर नवजात शिशु सुपोषित है और मां स्वस्थ है, तो मानकर चलिए कि भारत का भविष्य सशक्त है।

उन्होंने कहा, पिछले नौ वर्षों में ‘डबल इंजन’ सरकार ने इस दिशा में कई कदम उठाए हैं और इन प्रयासों को जमीन पर उतारने में आप सभी की अहम भूमिका है। योगी ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं की सराहना करते हुए कहा कि वे जमीनी स्तर पर योजनाओं को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

उन्होंने कहा, आप यशोदा मैया की भूमिका निभाते हुए बच्चों के पोषण और देखभाल के साथ-साथ कुपोषण और बीमारियों के खिलाफ भी लड़ रही हैं। यह बहुप्रतीक्षित कार्यक्रम है और वह पिछले चार वर्षों से इस बात पर जोर दे रहे थे कि हर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पास स्मार्टफोन होना चाहिए।

उन्होंने कहा, वह (आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका) जो मेहनत करती हैं, वह रियल टाइम (वास्तविक समय में) डेटा समय पर नहीं मिल पाता था, जिससे रैंकिंग प्रभावित होती थी। इसलिए उन्हें स्मार्टफोन देकर प्रशिक्षित करना आवश्यक है।

योगी ने कहा कि लखनऊ से लेकर सभी जिलों तक यह कार्यक्रम संपन्न हो रहा है। इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्र भवनों के नए डिजाइन का विमोचन भी किया गया है, जिससे उनकी भूमिका और अधिक सशक्त होगी।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के प्रयासों की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत तीन से पांच वर्ष के बच्चों के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों में ही ‘प्री-प्राइमरी’ शिक्षा की व्यवस्था की जा रही है।

उन्होंने कहा कि पहले जो 27 हजार केंद्र बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित होते थे, अब उन्हें आंगनबाड़ी केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है। योगी ने कहा कि आंगनबाड़ी और ‘प्री-प्राइमरी’ को छह वर्ष तक के बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, इसी भूमिका को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री ने आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को ‘यशोदा मां’ की उपाधि दी है। यह एक बड़ा सम्मान है और इसकी गरिमा बनाए रखते हुए देश के भविष्य को संवारने और मजबूत नींव तैयार करने की जिम्मेदारी आप पर है।

कार्यक्रम के दौरान 702 आंगनबाड़ी केंद्रों और 71 बाल विकास परियोजना कार्यालयों का शिलान्यास तथा 2,468 आंगनबाड़ी केंद्रों और 69 परियोजना कार्यालयों का लोकार्पण किया गया।

महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री बेबी रानी मौर्य ने कहा कि आज का कार्यक्रम ऐतिहासिक है और इससे पहले इतने बड़े स्तर पर कार्य नहीं हुए होंगे। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।

राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल सहित कई जनप्रतिनिधि इस अवसर पर उपस्थित रहे।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 69,804 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तथा मुख्य सेविकाओं को स्मार्टफोन, दो लाख ‘ग्रोथ मॉनिटरिंग’ उपकरण तथा 18,440 कार्यकर्ताओं तथा सहायिकाओं को नियुक्ति पत्र वितरित किए गए।

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