

बस्ती : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पिछली सपा सरकार ने कांवड़ यात्रा जैसी हिंदू परंपराओं पर रोक लगाई थी, जबकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार कांवड़ियों पर हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा कर उनका स्वागत करती है।
आदित्यनाथ ने बस्ती में 504 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 77 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करने के बाद आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए दावा किया कि सपा अध्यक्ष अब उसी कांवड़ यात्रा में शामिल होने का इंतजार कर रहे हैं, जिस पर उनकी सरकार ने कथित तौर पर रोक लगाई थी।
उन्होंने कहा, जब शिवभक्त कांवड़िये अयोध्या की सरयू से जल लेकर भदेश्वरनाथ धाम में भगवान शिव का जलाभिषेक करने आते हैं तो हम हेलीकॉप्टर से उन पर पुष्पवर्षा करते हैं। लेकिन पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी सरकार ने कांवड़ यात्रा पर रोक लगा दी थी।
मुख्यमंत्री ने कहा, वे कहते थे कि कांवड़ यात्रा नहीं निकलनी चाहिए। दुर्गा पूजा पर प्रतिबंध लगाए जाते थे, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाने की अनुमति नहीं थी और 84 कोसी परिक्रमा पर भी रोक लगा दी गई थी। अब कोई ऐसी रोक नहीं लगा सकता और न ही इसे रोक सकता है।
अखिलेश यादव पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष भी भगवा वस्त्र पहनकर आपके साथ कांवड़ यात्रा में शामिल होने का इंतजार कर रहे हैं। शायद उन्हें किसी निमंत्रण का इंतजार है, ताकि वे भी जाकर पुष्पवर्षा कर सकें।
मुख्यमंत्री ने सपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब भी वक्फ बोर्ड किसी जमीन को कब्रिस्तान घोषित करता था, तब सपा के लोग गरीबों, दलितों और वंचितों को वहां से बेदखल कर देते थे।
उन्होंने कहा, पहले कब्रिस्तान के नाम पर जमीनों पर कब्जा किया जाता था और गरीबों को परेशान किया जाता था। यदि वक्फ बोर्ड किसी जमीन को कब्रिस्तान या वक्फ की जमीन घोषित कर देता था तो कोई विरोध करने की हिम्मत नहीं करता था। दलितों, गरीबों और वंचितों को उजाड़ दिया जाता था। यह काम सपा के लोग करते थे।
आदित्यनाथ ने आरोप लगाया कि पहले जो धनराशि कब्रिस्तानों पर खर्च होती थी, अब उसका उपयोग धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार पर किया जा रहा है। उन्होंने कहा, 84 कोसी परिक्रमा की शुरुआत मखौड़ा धाम से होती है। वहां हो रहे भव्य विकास कार्य को आप देख सकते हैं। यही अंतर है।
मुख्यमंत्री ने कहा, समाजवादी पार्टी की सरकार 84 कोसी, 14 कोसी और पंचकोसी परिक्रमा में बाधा डालती थी। हमारी डबल इंजन सरकार में इन परिक्रमाओं पर कोई रोक नहीं है। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार आस्था का सम्मान करती है और उससे जुड़े स्थलों के लिए बेहतर बुनियादी ढांचे का विकास कर रही है।
उन्होंने कहा, इसी उद्देश्य से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए 84 कोसी परिक्रमा मार्ग का भव्य विकास किया जा रहा है, जो अयोध्या के लिए रिंग रोड का भी काम करेगा। आस्था से जुड़ी विभिन्न सरकारी पहलों का उल्लेख करते हुए आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में अब तक लगभग 1,500 मंदिरों का जीर्णोद्धार कराया जा चुका है।
उन्होंने कहा, प्रदेश वही है और लोग भी वही हैं, लेकिन सरकार का चेहरा बदलते ही परिणाम बदल गए। पहले कब्रिस्तानों की चहारदीवारी पर खर्च होने वाला पैसा अब भदेश्वरनाथ मंदिर और मखौड़ा धाम जैसे धार्मिक स्थलों के पुनरोद्धार पर लगाया जा रहा है।
सपा पर हमला तेज करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्षी दल के कार्यकर्ताओं की रुचि विकास में नहीं, बल्कि जमीनों पर कब्जा करने और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने में थी।
उन्होंने सपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर आरोप लगाते हुए कहा, जो लोग महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा के लिए खतरा बनते हैं, उनकी तुलना दुर्योधन और दुशासन जैसे लोगों से ही की जा सकती है, सभ्य इंसानों से नहीं। पहले यही सब होता था। पुलिस हमेशा भय के माहौल में रहती थी। आज पुलिस के डंडे के डर से ये लोग शांत हैं, नहीं तो यही लोग दंगे भड़काते थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले विकास योजनाएं केवल कागजों तक सीमित रहती थीं, जबकि आज जिन परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण होता है, वे धरातल पर दिखाई भी देती हैं।
हर्रैया में बन रहे मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, एक ही परिसर में प्री-प्राइमरी से लेकर 12वीं कक्षा तक आधुनिक शिक्षा उपलब्ध होगी। प्रत्येक विद्यालय पर 27 से 30 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जहां स्मार्ट कक्षाएं, आधुनिक भवन, फर्नीचर और सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
पूर्ववर्ती सपा सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय शिक्षा व्यवस्था नकल संस्कृति की शिकार हो गई थी और युवाओं का भविष्य अंधकारमय हो गया था। उन्होंने कहा कि किसानों को सुविधाएं नहीं मिलती थीं, गरीब सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रहते थे और बिजली की स्थिति इतनी खराब थी कि बस्ती के लोग बिजली के तारों पर कपड़े सुखाते थे। भाषा आनन्द, जफर रवि कांत 1007 2124 बस्ती ननननTAKE