राम मंदिर ट्रस्ट में हलचल, चढ़ावा गिनने वाले करीब 20 कर्मचारियों ने छोड़ी सेवा

राम मंदिर में चढ़ावा गिनने वाले कर्मचारियों ने दिया सामूहिक इस्तीफा, बढ़ते कार्यभार से बढ़ी नाराजगी
Ayodhya
राम मंदिर में चढ़ावा गिनने वाले कर्मचारियों का सामूहिक इस्तीफा
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अयोध्या: राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए जाने वाले चढ़ावे की गिनती करने वाले करीब 20 कर्मचारियों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। बताया जा रहा है कि चढ़ावे में कथित गबन की जांच शुरू होने के बाद कार्यप्रणाली में बदलाव, बढ़ते कार्यभार और लंबे समय तक काम करने की वजह से कर्मचारियों ने यह कदम उठाया है।

सूत्रों के अनुसार, इन इस्तीफों के बाद अब चढ़ावा गिनती केंद्र में नियमित रूप से काम करने वाले कर्मचारियों करीब एक दर्जन ही रह गयी है जो गिनती का कार्य कर रहे हैं। ट्रस्ट से जुड़े सूत्रों का कहना है कि कथित गबन का मामला सामने आने के बाद से ही कर्मचारियों की उपस्थिति लगातार घटने लगी थी।

पहले इस कार्य में करीब 40 कर्मचारी लगे हुए थे, लेकिन जांच शुरू होने के बाद नियमित रूप से ड्यूटी करने वालों की संख्या घटकर 15 से 20 रह गई थी। अब इनमें से भी करीब 20 कर्मचारियों ने इस्तीफा सौंप दिया है।

इस्तीफा देने वाले कर्मचारियों का कहना है कि पहले चढ़ावे की गिनती दो शिफ्टों में होती थी, जिससे काम का बोझ कम होता था। हालांकि, नई व्यवस्था के तहत अब पूरी गिनती एक ही शिफ्ट में कराई जा रही है, जिसमें कर्मचारियों को लगातार नौ से दस घंटे तक काम करना पड़ता है।

कर्मचारियों का यह भी आरोप है कि कार्य का समय बढ़ने के बावजूद उनके मानदेय में किसी तरह की बढ़ोतरी नहीं की गई है। कर्मचारियों ने कार्यस्थल की व्यवस्था को लेकर भी असंतोष जताया है।

उनका कहना है कि पहले वे टेबल और कुर्सियों पर बैठकर चढ़ावे की गिनती करते थे, लेकिन अब उन्हें फर्श पर बैठकर लंबे समय तक काम करना पड़ रहा है, जिससे उन्हें असुविधा होती है।

उधर, कथित गबन की जांच के बाद चढ़ावा गिनती केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था भी पहले की तुलना में काफी कड़ी कर दी गई है। अब कर्मचारियों को गिनती केंद्र में प्रवेश से पहले कई चरणों की सुरक्षा जांच से गुजरना पड़ता है।

उन्हें बिना जूते-चप्पल, मोबाइल फोन और किसी भी निजी सामान के ही अंदर जाने की अनुमति दी जाती है। मंदिर परिसर में निर्धारित सभी सुरक्षा जांच पूरी करने के बाद ही वे गिनती केंद्र तक पहुंच पाते हैं।

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