‘मैंने बचाई पाक पीएम की जान’ – भारत-पाक संघर्ष पर ट्रंप का चौंकाने वाला दावा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ को उन्होंने बचाया। इतना ही नहीं, परमाणु युद्ध होने से रोककर साढ़े तीन करोड़ लोगों की जान भी बचायी।
कांग्रेस में बोलते राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप।
कांग्रेस में बोलते राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप।
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नई दिल्लीः अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से भारत-पाकिस्तान युद्ध को रोकने का दावा किया है लेकिन इस बार उन्होंने एक अनोखी बात कर दी है। ट्रंप ने दावा किया कि पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ को उन्होंने बचाया। इतना ही नहीं, परमाणु युद्ध होने से रोककर साढ़े तीन करोड़ लोगों की जान भी बचायी। ट्रंप पहले कह चुके हैं कि भारत-पाकिस्तान के एक करोड़ लोगों की जान उन्होंने बचाई थी।

ट्रंप अब तक दावा कर चुके हैं है कि पिछले साल भारत और पाकिस्तान के बीच लड़ाई समेत आठ लड़ाइयों को उन्होंने रोका है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने उनसे कहा कि अगर अमेरिका ने युद्धविराम के लिए दखल नहीं दिया होता, तो भारत के ऑपरेशन सिंदूर में करीब साढ़े तीन करोड़ लोग मारे गए होते। ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर उन्होंने दखल नहीं दिया होता को पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ मारे जाते।

मंगलवार को अपने 100 मिनट से अधिक लंबे ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ संबोधन में ट्रंप ने अपने इस दावे को दोहराया कि उन्होंने दो दक्षिण एशियाई पड़ोसियों के बीच युद्ध को रोकने में मदद की जो परमाणु युद्ध में तब्दील हो सकता था। ट्रंप ने कहा, ‘‘अपने पहले 10 महीनों में मैंने आठ युद्ध समाप्त कराए.. जिनमें पाकिस्तान और भारत का संघर्ष भी शामिल है, जो परमाणु युद्ध में तब्दील हो सकता था। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा था कि अगर मैं हस्तक्षेप नहीं करता तो 3.5 करोड़ लोग मारे जाते।’’

अमेरिकी राष्ट्रपति पहले भी इसी तरह के दावे कर चुके हैं जिसमें उन्होंने कहा था कि शरीफ ने परमाणु हथियारों से लैस पड़ोसी देशों के बीच संघर्ष को समाप्त करने में मदद करके लाखों लोगों की जान बचाने का श्रेय उन्हें दिया था। इससे पहले ट्रंप ने इससे कम आंकड़े बताए थे। उन्होंने एक बार पहले 2.5 करोड़ और बाद में एक करोड़ के आंकड़े का उल्लेख किया था।

ट्रंप भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष को रोकने का श्रेय खुद को कई बार दे चुके हैं। यह दावा वह पिछले साल 10 मई से अब तक लगभग 100 बार कर चुके हैं, जब उन्होंने सोशल मीडिया पर घोषणा की थी कि वॉशिंगटन की मध्यस्थता में हुई ‘‘देर रात’’ की बातचीत के बाद भारत और पाकिस्तान ‘‘पूर्ण और तत्काल’’ युद्धविराम पर सहमत हुए हैं। भारत ने लगातार किसी भी तीसरे पक्ष के हस्तक्षेप से इनकार किया है।

अपने संबोधन में ट्रंप ने कई अन्य संघर्षों को भी सूचीबद्ध किया, जिन्हें सुलझाने में उन्होंने मदद करने का दावा किया। इनमें कंबोडिया और थाईलैंड, कोसोवो और सर्बिया, इजराइल और ईरान, मिस्र और इथियोपिया, आर्मेनिया और अजरबैजान, कांगो और रवांडा तथा गाजा में युद्ध शामिल हैं, जिसके बारे में उन्होंने कहा कि ये युद्ध अब ‘‘बहुत निम्न स्तर’’ पर जारी हैं। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका देश और विदेश में सुरक्षा बहाल कर रहा है।

राष्ट्रपति ने ‘व्हाइट हाउस’ (अमेरिकी राष्ट्रपति का आधिकारिक आवास एवं कार्यालय) में अपने दूसरे कार्यकाल के दूसरे ‘स्टेट ऑफ द यूनियन’ संबोधन में कहा, ‘‘हम गर्व से अपने देश में अमेरिकियों की सुरक्षा बहाल कर रहे हैं और विदेशों में भी अमेरिकियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं। हमारा देश पहले से कहीं अधिक मजबूत है।’’ ट्रंप के संबोधन के दौरान डेमोक्रेटिक सांसदों के बाधा डालने पर उन्होंने कहा, ‘‘यह मजाक नहीं है। ये बेचारे लोग।’’

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ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने दोनों न्यूक्लियर हथियारों वाले पड़ोसियों पर 200 परसेंट टैरिफ लगाने की धमकी दी थी अगर उन्होंने लड़ाई नहीं रोकी। हालांकि, भारत ने मई 2025 में सशस्त्र संघर्ष के दौरान किसी भी तीसरे पक्ष के दखल के सभी दावों से लगातार इनकार किया है। और, शायद इस वजह से ट्रंप ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाया था। ऐसा अंतरराष्ट्रीय मामलों के कई विशेषज्ञों का कहना है।

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