

नई दिल्लीः प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को सेवा तीर्थ परिसर का उद्घाटन किया, जहां प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ), राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय स्थित होंगे। प्रधानमंत्री मोदी का कार्यालय अब रायसीना हिल पर राष्ट्रपति भवन के निकट स्थित औपनिवेशिक काल की साउथ ब्लॉक इमारत से सेवा तीर्थ परिसर में स्थानांतरित हो गया।
यह बदलाव 13 फरवरी को हुआ, जब 1931 में नयी दिल्ली को भारत की आधुनिक राजधानी के रूप में औपचारिक रूप से उद्घाटन किए जाने के 95 वर्ष पूरे हो रहे हैं।
शुक्रवार को प्रधानमंत्री केंद्रीय मंत्रियों मनोहर लाल और जितेंद्र सिंह तथा पीएमओ के शीर्ष अधिकारियों के साथ सेवा तीर्थ परिसर पहुंचे और इस परिसर का उद्घाटन किया जिसमें पीएमओ, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय स्थित होंगे। मोदी ने पीएमओ में भगवान गणेश की मूर्ति पर माल्यार्पण किया और महिलाओं, किसानों, युवाओं और कमजोर तबके के कल्याण के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिये।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह और प्रधान सचिव पीके मिश्रा एवं शक्तिकांत दास समेत शीर्ष अधिकारियों की मौजूदगी में, प्रधानमंत्री ने प्रत्येक नागरिक को जीवन रक्षक सुरक्षा प्रदान करने और लखपति दीदी की संख्या को दोगुना करके छह करोड़ करने के लिए ‘पीएम राहत योजना’ की शुरुआत को मंजूरी देने वाली फाइल पर हस्ताक्षर किए।
दुर्घटना पीड़ितों को 1.5 लाख तक का कैशलेस इलाज
अधिकारियों ने बताया कि ‘पीएम राहत योजना’ के तहत, दुर्घटना पीड़ितों को 1.5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि तत्काल चिकित्सा सहायता न मिलने के कारण किसी की जान न जाए।
2029 तक छह करोड़ लखपति दीदियों का लक्ष्य
सरकार ने मार्च 2027 की समयसीमा से एक साल से भी अधिक पहले तीन करोड़ लखपति दीदियों का ऐतिहासिक आंकड़ा पार कर लिया है। प्रधानमंत्री ने अब मार्च 2029 तक छह करोड़ लखपति दीदियों का एक नया, महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।
किसानों के लिए खुशखबरी
किसानों के लिए एक बड़ी खुशखबरी के रूप में, कृषि अवसंरचना निधि को दोगुना करके दो लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। इस कदम का उद्देश्य भारत की संपूर्ण कृषि मूल्य श्रृंखला को मजबूत करना है।
‘स्टार्टअप इंडिया एफओएफ 2.0’ को मंजूरी
मोदी ने 10,000 करोड़ रुपये की निधि के साथ ‘स्टार्टअप इंडिया फंड ऑफ फंड्स 2.0’ को भी मंजूरी दी। एक अधिकारी ने कहा, ‘‘भारत के नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को, विशेष रूप से डीप टेक, उन्नत विनिर्माण और अभूतपूर्व प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में, सशक्त बनाने के लिए प्रधानमंत्री ने 10,000 करोड़ रुपये के कोष के साथ ‘स्टार्टअप इंडिया एफओएफ 2.0’ को मंजूरी दी है। इससे पहले मोदी ने नए परिसर में सेवा तीर्थ की पट्टिका का अनावरण किया। यह नाम देवनागरी लिपि में परिसर की दीवार पर अंकित है। इसके नीचे ‘नागरिक देवो भव’ का आदर्श वाक्य लिखा है।
औपनिवेशिक अतीत से जुड़े प्रतीकों से दूरी
अधिकारियों ने बताया कि 2014 से मोदी सरकार भारत के औपनिवेशिक अतीत से जुड़े प्रतीकों से दूर जाने और मानसिकता में बदलाव लाने के लिए लगातार कदम उठा रही है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री कार्यालय को अब सेवा तीर्थ कहा जाएगा, केंद्रीय सचिवालय भवनों का नाम कर्तव्य भवन रखा गया है और राजपथ का नाम बदलकर कर्तव्य पथ कर दिया गया है। इसी क्रम में रेस कोर्स रोड का नाम बदलकर लोक कल्याण मार्ग किया जा चुका है, जहां प्रधानमंत्री का आवास स्थित है। राजभवन तथा राज निवास का नाम क्रमशः लोक भवन और लोक निवास रखा गया है।