

हरिरामपुरः पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मालदा जिले में न्यायिक अधिकारियों के घेराव के लिए शुक्रवार को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) और आईएसएफ को दोषी ठहराया तथा कांग्रेस और भाजपा पर उकसाने का आरोप लगाया।
बनर्जी ने कहा कि बुधवार को मालदा जिले के मोथाबाड़ी में कई घंटों तक न्यायिक अधिकारियों को घेरे रखने की साजिश रचने वाले मुख्य आरोपी को राज्य के आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) ने गिरफ्तार कर लिया है। उन्होंने दावा किया कि यह पुलिस संगठन अब भी उनके नियंत्रण में है, न कि निर्वाचन आयोग के। दक्षिण दिनाजपुर जिले के हरिरामपुर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘भाजपा ने उसे (आरोपी को) एआईएमआईएम से लिया और (हैदराबाद से) यहां लेकर आई।’’
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने आरोप लगाया, ‘‘इंडियन सेक्युलर फ्रंट (आईएसएफ) उनके साथ है; कांग्रेस और भाजपा ने भी उकसाने का काम किया है’’। उन्होंने कहा कि सीआईडी ने मुख्य आरोपी और अधिवक्ता मोफक्करुल इस्लाम को बागडोगरा हवाई अड्डे से उस समय गिरफ्तार किया जब वह भागने की कोशिश कर रहा था। उन्होंने कहा, ‘‘मालदा के मोथाबाड़ी में हिंसा की साजिश इन्हीं लोगों ने रची थी।’’
बनर्जी ने सवाल उठाया कि विधानसभा चुनाव उसी मतदाता सूची के आधार पर क्यों नहीं कराए जा सकते, जिसका इस्तेमाल 2024 के आम चुनाव में किया गया था। मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘अगर मतदाता सूची में घुसपैठियों के नाम थे तो इससे पहले मोदी भी उनके वोट से चुनाव जीत चुके हैं इसलिए उन्हें तो सबसे पहले इस्तीफा देना चाहिए।’’ उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के वाहनों का इस्तेमाल करके पैसा लाया जा रहा है।’’ उन्होंने दावा किया कि वह जानती हैं कि यह पैसा कहां जा रहा है।
उन्होंने कहा, ‘‘मेरे पास इन गतिविधियों का रिकॉर्ड है और मैं उचित समय पर इनका खुलासा करूंगी।’’ बनर्जी ने कहा कि चुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वोट कम हो जाएंगे। शाह ने कहा है कि वह चुनाव के दौरान पश्चिम बंगाल में ही डेरा डालेंगे।