

कोलकाताः पश्चिम बंगाल पुलिस ने मालदा जिले में सात न्यायिक अधिकारियों के घेराव के कथित मुख्य साजिशकर्ता को शुक्रवार को सिलीगुड़ी के बागडोगरा हवाई अड्डे से गिरफ्तार कर लिया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि आरोपी की पहचान अधिवक्ता मोफक्करुल इस्लाम के रूप में हुई है। उसे तब गिरफ्तार किया गया जब वह एक विमान में सवार होने की कोशिश कर रहा था।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (उत्तर बंगाल) के. जयरामन ने पत्रकारों को बताया कि मोफक्करुल इस्लाम उत्तर दिनाजपुर जिले के इटाहार का रहने वाला है और वर्तमान में कोलकाता में रह रहा है। उन्होंने बताया कि बुधवार को भाषणों के माध्यम से स्थानीय लोगों को ‘‘भड़काने’’ के आरोप में कालियाचक पुलिस थाने में उसके खिलाफ तीन मामले दर्ज किए गए हैं। इस कथित भड़काऊ भाषण के बाद मोथाबारी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कालियाचक-2 ब्लॉक कार्यालय के अंदर सात न्यायिक अधिकारियों का घेराव किया गया था।
उन्होंने बताया, ‘‘घटना के बाद हमने मोफक्करुल इस्लाम का पीछा किया और पश्चिम बंगाल आपराधिक जांच विभाग (सीआईडी) और सिलीगुड़ी पुलिस की मदद से उसे और उसके साथी को बागडोगरा हवाई अड्डे से गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ तीन अलग-अलग जगहों पर स्थानीय लोगों को भड़काने के आरोप में तीन मामले दर्ज किए गए हैं।’’ उन्होंने बताया कि कालियाचक घटना के संबंध में कुल 19 मामले दर्ज किए गए हैं।
पुलिस अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) द्वारा जांच अपने हाथ में लेने के बावजूद पश्चिम बंगाल पुलिस यह पता लगाने के लिए अपनी जांच जारी रखेगी कि क्या यह घटना ‘‘पूर्व नियोजित’’ थी और क्या इसमें और भी लोग शामिल थे। उन्होंने बताया कि इस गिरफ्तारी के साथ पुलिस ने घटना में संलिप्तता के आरोप में इंडियन सेकुलर फ्रंट (आईएसएफ) के एक उम्मीदवार सहित अब तक 35 लोगों को गिरफ्तार किया है।
मोफक्करुल इस्लाम के बार में जो जानकारी उपलब्ध है, उसके मुताबिक वह उत्तर दिनाजपुर जिला अदालत में पहले प्रैक्टिस करता था, लेकिन बाद में वह कलकत्ता हाईकोर्ट में आकर प्रैक्टिस करने लगा। वह अपनी पत्नी और बच्चों के साथ कोलकाता में ही रहता है। 2021 साल में उसने आईएसएफ ज्वाइन किया था और चुनाव भी लड़ा था लेकिन चुनाव हार गया था। पुलिस उसे सिलीगुड़ी से मालदा लाने में लगी है।