

रांचीः झारखंड के चतरा जिले में सिमरिया के पास हुए एयर एम्बुलेंस हादसे में मारे गए सात लोगों के शव पोस्टमॉर्टम के बाद, मंगलवार को उनके परिजनों को सौंप दिये गए। रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित बीचक्राफ्ट सी90 एयर एम्बुलेंस रांची से दिल्ली जा रही थी, तभी सोमवार शाम को यह सिमरिया के बरियातु पंचायत क्षेत्र में जंगल के ऊपर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में दो पायलटों सहित विमान में सवार सभी सात लोगों की मौत हो गई। शवों का पोस्टमार्टम चतरा के सदर अस्पताल में किया गया।
स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया, ‘‘पोस्टमॉर्टम के बाद शवों को उनके परिजनों को सौंप दिये गए।’’
पिछले दिनों महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार का विमान दुर्घटनाग्रस हो गया था जिससे उनके सहित पांच लोगों की मौत हो गई थी। अब मात्र कुछ दिनों के अंदर दूसरे विमान दुर्घटना से भारत में विमान परिचालन व्यवस्था को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। केंद्र का विमानन मंत्रालय सवालों के घेरे में हैं।
एक अधिकारी ने बताया, ‘‘हम सभी सात शवों को पोस्टमार्टम के लिए चतरा स्थित सदर अस्पताल लेकर आए हैं। दुर्घटना की जांच की जा रही है।’’
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एक बयान में कहा कि बीचक्राफ्ट सी90 विमान (वीटी-एजेवी) रांची-दिल्ली मार्ग पर मरीजों को ले जा रहा था तभी वह चतरा जिले की कसरिया पंचायत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसमें कहा गया है, ‘‘विमान ने भारतीय समयानुसार सात बजकर 11 मिनट पर रांची से उड़ान भरी। सात बजकर 34 मिनट पर कोलकाता से संपर्क स्थापित करने के बाद विमान का वाराणसी से लगभग 100 समुद्री मील दक्षिण-पूर्व में कोलकाता से संचार और रडार संपर्क टूट गया।’’ बयान में कहा गया है कि विमान में चालक दल के दो सदस्यों सहित सात लोग सवार थे। वायुयान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो (एएआईबी) की एक टीम को दुर्घटनास्थल पर भेजा गया है। डीजीसीए की वेबसाइट के अनुसार, दिल्ली स्थित उड़ान संचालक रेडबर्ड के बेड़े में दुर्घटनाग्रस्त विमान सहित छह विमान हैं।
रांची के देवकमल अस्पताल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अनंत सिन्हा ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था उनके एक मरीज ने की थी। रांची हवाई अड्डे के निदेशक विनोद कुमार ने कहा कि खराब मौसम दुर्घटना का एक संभावित कारण हो सकता है, हालांकि सटीक कारण विस्तृत जांच के बाद ही पता चलेगा।
मृतकों की पहचान कैप्टन विवेक विकास भगत, कैप्टन सवराजदीप सिंह, संजय कुमार, डॉ. विकास कुमार गुप्ता, सचिन कुमार मिश्रा, अर्चना देवी और धुरु कुमार के रूप में हुई है। इस बीच, चतरा जिले में शोक का माहौल है। दुर्घटना में मारे गए लोगों के करीबी और प्रियजन सदमे में हैं।
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने कहा कि राज्य सरकार इस बात की जांच करेगी कि ‘’खराब मौसम’’ में विमान को उड़ान भरने की अनुमति कैसे दी गई। उन्होंने यह भी कहा कि मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाएगा।
इस दुर्घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने कहा कि खराब मौसम इसका एक कारण हो सकता है, जिसकी पुष्टि जांच के बाद होगी। झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में मृतकों के परिजनों के प्रति शोक व्यक्त किया।
गंगवार ने कहा, ‘‘एयर एम्बुलेंस दुर्घटना की खबर बेहद दुखद है। इस त्रासदी में अपनों को खोने वाले परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। ईश्वर उन्हें इस अपार दुख को सहने की शक्ति प्रदान करें। ओम शांति।’’
परिवार को भारी नुकसान, सरकारी व्यवस्था से नाराज
दुर्घटना में जान गंवाने वाले डॉ. विकास कुमार गुप्ता के पिता बजरंगी प्रसाद ने बताया कि उन्होंने अपने बेटे को डॉक्टर बनाने के लिए अपनी सारी जमीन बेच दी थी, जिसकी तैनाती रांची के सदर अस्पताल में थी। प्रसाद ने बताया, ‘‘उसका सात साल का बेटा है। वह मेधावी छात्र था और उसने ओडिशा के कटक से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की थी।’’ वहीं, संजय कुमार (41) के परिवार के सदस्यों ने इस त्रासदी के लिए ‘‘खराब’’ स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को जिम्मेदार ठहराया।
उनके एक रिश्तेदार ने कहा, ‘‘अगर रांची में मेरे बहनोई संजय का सही इलाज हो जाता, तो अनमोल जानें बचाई जा सकती थीं। इस घटना में मैंने संजय और बहन अर्चना देवी दोनों को खो दिया।’’ चतरा की उपायुक्त कीर्तिश्री जी ने बताया था कि दुर्घटनास्थल से सभी सात मृतकों के शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए चतरा अस्पताल ले जाए गए हैं।
विमान का कोलकाता से संचार संपर्क टूटा
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने एक बयान में कहा कि बीचक्राफ्ट सी90 विमान (वीटी-एजेवी) रांची-दिल्ली मार्ग पर मरीजों को ले जा रहा था तभी वह चतरा जिले की कसरिया पंचायत में दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इसमें कहा गया है, ‘‘विमान ने भारतीय समयानुसार सात बजकर 11 मिनट पर रांची से उड़ान भरी। सात बजकर 34 मिनट पर कोलकाता से संपर्क स्थापित करने के बाद विमान का वाराणसी से लगभग 100 समुद्री मील दक्षिण-पूर्व में कोलकाता से संचार और रडार संपर्क टूट गया।’’ बयान में कहा गया है कि विमान में चालक दल के दो सदस्यों सहित सात लोग सवार थे। वायुयान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो (एएआईबी) की एक टीम को दुर्घटनास्थल पर भेजा गया है।
रेडबर्ड के बेड़े में दुर्घटनाग्रस्त विमान सहित छह विमान
वायुयान दुर्घटना अन्वेषण ब्यूरो (एएआईबी) की एक टीम को दुर्घटनास्थल पर भेजा गया है। डीजीसीए की वेबसाइट के अनुसार, दिल्ली स्थित उड़ान संचालक रेडबर्ड के बेड़े में दुर्घटनाग्रस्त विमान सहित छह विमान हैं। रांची के देवकमल अस्पताल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) अनंत सिन्हा ने बताया कि एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था उनके एक मरीज ने की थी।
उन्होंने बताया, ‘‘लातेहार जिले के चंदवा निवासी संजय कुमार नामक मरीज को 16 फरवरी को 65 प्रतिशत तक झुलसने के कारण अस्पताल लाया गया था। उनका अस्पताल में उपचार हो रहा था।’’ सिन्हा ने बताया कि उनके परिवार के सदस्यों ने उन्हें बेहतर उपचार के लिए दिल्ली ले जाने का फैसला किया था। सिन्हा ने कहा, ‘‘उन्होंने सोमवार को एयर एम्बुलेंस की व्यवस्था की। मरीज शाम करीब साढ़े चार बजे अस्पताल से दिल्ली के लिए रवाना हुआ।’’