नई दिल्लीः पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण सोमवार को दिल्ली हवाई अड्डे पर कम से कम 87 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी गईं। क्षेत्र में तनाव के कारण लगातार तीसरे दिन विमानन परिचालन बाधित रहा। विमानन कंपनी ‘आकासा एयर’ ने भी अबू धाबी, दोहा, जेद्दा, कुवैत और रियाद को जोड़ने वाली अपनी उड़ानों की निलंबन अवधि तीन मार्च तक बढ़ा दी है।
एक आधिकारी अनुसार, इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (आईजीआईए) पर कुल 37 प्रस्थान और 50 आगमन वाली उड़ानें रद्द की गई हैं।
पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष की वजह से क्षेत्र के कई हवाई क्षेत्रों के बंद होने के कारण भारतीय एयरलाइंस ने पिछले दो दिनों में कुल 760 विदेशी उड़ानें रद्द की हैं। 'दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड' (डायल) द्वारा संचालित यह हवाई अड्डा देश का सबसे बड़ा हवाई अड्डा है। यहां से प्रतिदिन 1,300 से अधिक उड़ानों का आवागमन होता है।
डायल ने सोमवार को सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘पश्चिम एशिया में मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम के कारण पश्चिम की ओर जाने वाली कुछ अंतरराष्ट्रीय उड़ानों में देरी हो रही है या उनके समय-सारिणी में बदलाव किया गया है।’’ वहीं, आकासा एयर ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘पश्चिम एशिया में मौजूदा स्थिति के कारण अबू धाबी, दोहा, जेद्दा, कुवैत और रियाद से आने-जाने वाली आकासा एयर की सभी उड़ानें तीन मार्च, 2026 तक के लिए निलंबित कर दी गई हैं।’’ आकासा एयर सहित कई एयरलाइंस ने सोमवार के लिए भी अपनी कई अंतरराष्ट्रीय उड़ानें रद्द कर दी हैं।
कंपनी ने कहा, ‘‘हमारी टीम सुरक्षा स्थिति पर बारीकी से नजर रखना जारी रखेंगी और आवश्यकतानुसार परिचालन में बदलाव करेंगी।’’ आकासा एयर के अनुसार, सात मार्च तक इन शहरों के लिए बुक की गई उड़ानों के लिए यात्री पूरा पैसा वापस लेने का विकल्प चुन सकते हैं या बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के अपनी यात्रा को पुनर्निर्धारित कर सकते हैं। अन्य एयरलाइंस भी इसी तरह की रियायतें दे रहीं है। इस बीच, एयर इंडिया ने रविवार को कहा कि वह पश्चिम एशिया के उपलब्ध हवाई क्षेत्रों का उपयोग करते हुए वैकल्पिक मार्गों के जरिये उत्तरी अमेरिका और यूरोप के लिए अपनी उड़ानों का परिचालन करेगी।