सरकार जल्द ला सकती है महिला आरक्षण विधेयक, रीजीजू ने राज्यसभा में दिया संकेत

सरकार महिलाओं के आरक्षण कानून को लागू करने के लिए और लोकसभा की सीटों को 546 से बढ़ाकर 861 करने के उद्देश्य से जनगणना से संबद्ध परिसीमन को अलग करने के लिए दो विधेयक लाने की खातिर विपक्ष के साथ बातचीत कर रही है।
राज्यसभा में बोलते केंद्रीय संसदीय मंत्री कीरेन रीजीजू।
राज्यसभा में बोलते केंद्रीय संसदीय मंत्री कीरेन रीजीजू।
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नई दिल्लीः संसद में महिला आरक्षण विधेयक लागू करने के लिए लोकसभा में सीटें बढ़ाने के उद्देश्य से एक विधेयक लाने के संकेतों के बीच, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने बृहस्पतिवार को राज्यसभा को सूचित किया कि सदन की बैठक आज स्थगित होगी और जल्द ही ‘‘बहुत महत्वपूर्ण’’ विधेयक के लिए पुन: बैठक होगी।

इस मुद्दे पर सदन में सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तकरार भी हुई। सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जे पी नड्डा ने कहा कि किसी विधेयक को कब पेश किया जाना है, इसका निर्णय लेने का अधिकार सरकार के पास है। वहीं नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार पर “दबंगई” का आरोप लगाते हुए कहा कि भाजपा महिला आरक्षण के मुद्दे पर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है।

प्रश्नकाल के बाद कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सरकार की योजना के बारे में सवाल किया। इसके जवाब में रीजीजू ने कहा कि राज्यसभा में आज आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक और जन विश्वास (प्रावधानों का संशोधन) विधेयक को चर्चा एवं पारित करने के लिया जाएगा।

संसद के बजट सत्र के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, बजट सत्र के दूसरे चरण का आज अंतिम दिन है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारे पास कुछ महत्वपूर्ण मुद्दे हैं, यह विपक्ष के साथ भी साझा किया गया है। अगले 2-3 हफ्तों में हम एक बहुत महत्वपूर्ण विधेयक लाने वाले हैं। आज सरकार सदन को स्थगित करने का प्रस्ताव रखेगी और हम जल्द ही फिर मिलेंगे; उद्देश्य सदस्यों को ज्ञात है।’’

राज्यसभा में बोलते केंद्रीय संसदीय मंत्री कीरेन रीजीजू।
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सरकार महिलाओं के आरक्षण कानून को लागू करने के लिए और लोकसभा की सीटों को 546 से बढ़ाकर 861 करने के उद्देश्य से जनगणना से संबद्ध परिसीमन को अलग करने के लिए दो विधेयक लाने की खातिर विपक्ष के साथ बातचीत कर रही है। कांग्रेस के जयराम रमेश ने कहा कि सरकार का इरादा सर्वदलीय बैठक बुलाने का है और विपक्ष की मांग है कि यह बैठक 29 अप्रैल को विधानसभा चुनाव समाप्त होने के बाद बुलाई जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं वहां आदर्श आचार संहिता लागू है फिर भी सरकार विधेयक लाने पर जोर दे रही है।

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