

बदायूं : बदायूं जिले में 12 बीघे जमीन का मालिक एक किसान उस समय हैरान रह गया, जब उसे आयकर और GST (माल एवं सेवाकर) विभाग से कुल 14.66 करोड़ रुपये से अधिक का कर नोटिस मिला।
बदायूं के जिलाधिकारी अवनीश राय ने शनिवार को कहा, ‘किसान द्वारा औपचारिक आवेदन दिए जाने के बाद मामले की जांच के लिए अपर जिलाधिकारी (वित्त) और उपायुक्त (GST) सहित दो सदस्यीय टीम का गठन किया गया।’
किसान भोला सिंह ने बताया, ‘विभागीय अधिकारियों से इस मामले की पूछताछ करने पर उन्होंने बताया कि दिल्ली के नारायणा औद्योगिक क्षेत्र (चरण-1) में उनके नाम से ‘राम स्टोर’ नामक एक फर्म संचालित की जा रही है, जिस पर 1.02 करोड़ रुपये का आयकर बकाया है।’ उन्होंने बताया कि इस बीच GST कार्यालय ने सिंह को 13.63 करोड़ रुपये की वस्तु एवं सेवा कर देनदारी का हवाला देते हुए एक नोटिस भी जारी किया है।
कभी दिल्ली गया ही नहीं
वजीरगंज थाना क्षेत्र के खुर्रमपुर भमौरी निवासी भोला ने बताया कि 29 मार्च को उन्हें बदायूं स्थित आयकर विभाग से एक नोटिस मिला, जिसमें उन्हें 1.02 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया गया था। उन्होंने दावा किया कि वे कभी दिल्ली नहीं गए और न ही उन्होंने कभी कोई फर्म या व्यावसायिक उद्यम स्थापित किया था। भोला ने बताया कि इसके बाद उन्होंने बदायूं के जिलाधिकारी के समक्ष औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।
किसान के पैन व आधार का गलत इस्तेमाल
मामले को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को जांच करने और समस्या का समाधान करने के निर्देश जारी किए। अपनी प्रारंभिक जांच के दौरान GST अधिकारियों ने पाया कि जिस फर्म के खिलाफ ये कर बकाया हैं उसने किसान के आधार और पैन नंबरों का इस्तेमाल किया था। अधिकारियों ने बताया कि इससे स्पष्ट है कि एक अज्ञात व्यक्ति ने किसान के दस्तावेजों का दुरुपयोग करके एक फर्जी फर्म की स्थापना की और करोड़ों रुपये के लेनदेन किए। किसान ने बताया कि अधिकारियों ने उन्हें साइबर अपराध थाना या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। पीड़ित किसान ने दावा किया कि जब वजीरगंज थाने और साइबर पुलिस थाने से संपर्क किया तो उसकी शिकायत वहां दर्ज नहीं की गई जिससे उसकी मुश्किलें और बढ़ गईं।
धोखाधड़ी का है मामला
इस बीच, बदायूं के जिलाधिकारी (डीएम) अवनीश राय ने शनिवार को कहा कि एक किसान को आयकर और GST विभाग से एक नोटिस मिला है जिसमें उन्हें कर का भुगतान करने की सूचना दी गई है। उन्होंने कहा कि मामला धोखाधड़ी और जालसाजी से जुड़ा प्रतीत होता है। टीम मामले की गहन जांच करेगी और दोषी पक्षों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी।जांच समिति से तीन से चार दिन के अंदर जांच रिपोर्ट प्राप्त हो जाएगी, उसके बाद धोखाधड़ी करने वाले व्यक्ति अथवा फर्म पर कार्रवाई कर उससे बकाया आयकर एवं GST शुल्क की वसूली की जाएगी।
किसान ने यह भी कहा कि अगर वह अपनी सारी जमीन और संपत्ति बेच भी दे तो भी वह इतनी बड़ी रकम चुकाने में असमर्थ होगा। उन्होंने प्रशासन से अपील की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और उन्हें न्याय दिलाया जाए।