Bihar News: क्या तेजस्वी यादव को होगी जेल? जानें पूरा मामला

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पटना : राजद नेता तेजस्वी यादव ने निर्वाचन अधिकारियों पर आरोप लगाया कि उन्होंने 2 ईपीआईसी (मतदाता फोटो पहचान पत्र) नंबर रखने के लिए नोटिस भेजकर ‘खुद की गलती के लिए उन्हें दोषी ठहराया है।’ पिछले सप्ताह भेजे गये नोटिस का ‘एक अच्छा जवाब’ तैयार किया जा रहा है, जिससे ‘उनके पास कहने के लिए कुछ नहीं बचेगा।’

तेजस्वी यादव ने कहा, मुझे निर्वाचन आयोग से नहीं, बल्कि पटना जिला प्रशासन से नोटिस मिला है। अगर मेरे नाम पर 2 ईपीआईसी नंबर जारी किये गये हैं तो यह किसकी गलती है ? आखिरकार, मैं एक ही जगह से वोट डालता रहा हूं। पिछले सप्ताह तेजस्वी ने मसौदा मतदाता सूची में अपने ईपीआईसी नंबर को ऑनलाइन ढूंढने की कोशिश की थी, जिसका परिणाम ‘कोई रिकॉर्ड नहीं मिला’ आया।

पटना के जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि उनके रिकॉर्ड में जो ईपीआईसी नंबर है, वह वही है जो विपक्ष के नेता ने 2020 के चुनावों में अपने हलफनामे में बताया था। इसके बाद, पटना (सदर) के अनुमंडल पदाधिकारी ने एक पत्र जारी कर राजद नेता से उस मतदाता पहचान पत्र को ‘गहन जांच के लिए सौंपने’ को कहा, जो ‘आधिकारिक रूप से जारी नहीं किया गया था।

चुनाव आयोग को कौन नोटिस देगा : पप्पू यादव

सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने तेजस्वी यादव को चुनाव आयोग की ओर से मिले नोटिस पर सवाल उठाए हैं। तेजस्वी का पक्ष लेते हुए कहा कि उन्होंने जानबूझकर गलत नहीं किया होगा। आयोग चुनिंदा रूप से विपक्षी नेताओं को निशाना बनाता है। आयोग ने वोटर लिस्ट में उन्हें मृत घोषित बताया है जो वर्तमान में जिंदा हैं। आयोग को कौन नोटिस देगा ?

तेजस्वी ने जानबूझकर गलत नहीं बोला होगा, क्योंकि वो बिहार का भला चाहते हैं। पप्पू यादव ने मतदाता सूची में अनियमितताओं का मुद्दा उठाया, जिसमें 22 लाख मृत, 35 लाख मिसिंग, और 8 लाख डुप्लिकेट वोटर कार्ड का दावा किया, साथ ही सवाल किया कि जिंदा वोटर को मृत दिखाने के लिए आयोग को कौन नोटिस देगा।

‘दो वोटर कार्ड रखना क्रिमिनल ऑफेंस’

बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले हो रहे एसआईआर को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हैं। इसे लेकर विपक्ष की ओर से लगातार चुनाव आयोग पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस बीच जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने 2 मतदाता पहचान पत्र को लेकर तेजस्वी यादव पर निशाना साधा। संजय झा ने कहा कि 2 वोटर कार्ड रखना क्रिमिनल ऑफेंस है। सिर्फ संविधान रखने से नहीं होगा, बल्कि उसे खोलकर पढ़ना भी चाहिए। यही काम तो एसआईआर कर रहा है। आपके पास सिर्फ एक वोटर कार्ड रखने का अधिकार है। बिहार में एसआईआर को लेकर कोई हंगामा नहीं है। सिर्फ दिल्ली में लोग संसद में हंगामा कर रहे हैं। यहां के लोग आराम से फॉर्म भरकर अपना नाम जुड़वा रहे हैं।

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