

जम्मू: श्री अमरनाथ यात्रा 2026 को लेकर प्रशासनिक तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। इस वर्ष यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलेगी। 57 दिनों तक चलने वाली इस पवित्र यात्रा को लेकर जम्मू-कश्मीर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है और व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है।
रामबन जिले के उपायुक्त मोहम्मद अलीजास खान ने शनिवार को यात्रा मार्ग के निरीक्षण के बाद बताया कि सभी तैयारियों की समीक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य तेजी से जारी है और यात्रा शुरू होने से पहले इसे पूरा कर लिया जाएगा। साथ ही राष्ट्रीय राजमार्ग और अन्य सुविधाओं का भी निरीक्षण किया गया है।
जम्मू स्थित भगवती नगर बेस कैंप पर भी तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। मंडल आयुक्त रमेश कुमार और आईजीपी भीम सेन तुती ने बेस कैंप का दौरा कर पंजीकरण काउंटर, आरएफआईडी केंद्र, आवास, स्वच्छता, स्वास्थ्य सेवाओं और सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया।
अधिकारियों के अनुसार, तीर्थयात्रियों की सुविधा के लिए लंगर, क्लॉकरूम, बस टिकट काउंटर, वॉशरूम, बिजली और रोशनी जैसी व्यवस्थाएं तय समयसीमा के भीतर पूरी की जा रही हैं।
अमरनाथ यात्रा को लेकर देशभर के श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखा जा रहा है। पंजाब के लुधियाना समेत कई शहरों से हजारों श्रद्धालु पहले ही पंजीकरण करवा चुके हैं और बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए तैयारी में जुटे हैं।
यह यात्रा श्रद्धालुओं के लिए चुनौतीपूर्ण भी होती है। यात्रियों को 14 किलोमीटर से लेकर 43 किलोमीटर तक की पैदल दूरी तय करनी पड़ती है। प्रशासन ने सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर विशेष इंतजाम किए हैं।
यात्रा में शामिल होने के लिए कुछ नियम भी तय किए गए हैं। 13 वर्ष से कम और 70 वर्ष से अधिक आयु के लोगों को यात्रा की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके अलावा स्वास्थ्य जांच और अन्य सुरक्षा प्रक्रियाएं भी अनिवार्य रहेंगी।
वार्षिक अमरनाथ यात्रा का समापन 28 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर पर होगा। प्रशासन का कहना है कि यात्रा को सुरक्षित, सुचारू और सुविधाजनक बनाने के लिए सभी विभाग समन्वय के साथ काम कर रहे हैं।