

नई दिल्लीः सरकार ने बुधवार को राज्यसभा में कहा कि 2027 की जनगणना शुरू होने से पूर्व, दूसरे चरण में पूछे जाने वाले जाति संबंधी प्रश्नों को अधिसूचित किया जाएगा। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने एक प्रश्न के लिखित उत्तर में बताया कि प्रत्येक जनगणना से पहले विभिन्न मंत्रालयों, विभागों, संगठनों और जनगणना डेटा उपयोगकर्ताओं से प्राप्त सुझावों और जानकारी के आधार पर प्रश्नों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘दूसरे चरण के लिए जाति सहित प्रश्नों को स्थापित प्रक्रिया के अनुसार अंतिम रूप दिया जाएगा और अधिसूचित किया जाएगा।’’ राय ने बताया कि जनगणना दो चरणों में आयोजित की जाएगी- अप्रैल से सितंबर 2026 तक आवासीय सूची और आवासीय गणना, और फरवरी 2027 में आबादी गणना। आवासीय सूची और आवासीय गणना के दौरान देशभर की सभी संरचनाओं, घरों और परिवारों की व्यवस्थित सूची तैयार की जाएगी, ताकि आबादी गणना के लिए ठोस आधार हो।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत की 2027 जनगणना के लिए 11,718 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है, जिसमें पहली बार जाति गणना शामिल होगी। यह 16वीं जनगणना होगी और यह पूरी तरह डिजिटल तरीके से आयोजित की जाएगी, जिसमें नागरिकों को स्वयं गणना करने का विकल्प भी मिलेगा। यह 2021 में होना था, लेकिन कोविड महामारी के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था।