

फुटबॉल प्रेमियों का इंतजार खत्म हो गया है। अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको की संयुक्त मेजबानी में फीफा विश्व कप 2026 का आगाज होने जा रहा है। आकार, भागीदारी और पुरस्कार राशि के लिहाज से यह टूर्नामेंट विश्व कप इतिहास का सबसे बड़ा और भव्य संस्करण माना जा रहा है। पहली बार 48 देशों की टीमें मैदान में उतरेंगी, जबकि कुल 104 मुकाबले खेले जाएंगे। यही वजह है कि इसे सिर्फ एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि वैश्विक संस्कृति, मनोरंजन और खेल भावना के महाकुंभ के रूप में देखा जा रहा है।
1930 में शुरू हुए फीफा विश्व कप के इतिहास में यह पहला अवसर है जब 32 के बजाय 48 टीमें खिताब के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगी। टीमों की संख्या बढ़ने से एशिया, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका और अन्य उभरते फुटबॉल देशों को विश्व मंच पर अपनी पहचान बनाने का बड़ा अवसर मिलेगा।
साथ ही मैचों की संख्या भी 64 से बढ़कर 104 हो गई है, जिससे प्रशंसकों को लगभग एक महीने तक लगातार रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे।
फीफा विश्व कप 2026 की मेजबानी अमेरिका, कनाडा और मैक्सिको संयुक्त रूप से कर रहे हैं। यह विश्व कप इतिहास में पहली बार होगा जब तीन देश मिलकर टूर्नामेंट का आयोजन करेंगे। 16 अलग-अलग शहरों में मुकाबले खेले जाएंगे, जिससे पूरे उत्तरी अमेरिका में फुटबॉल का उत्सव देखने को मिलेगा।
टूर्नामेंट का उद्घाटन 11 जून को मैक्सिको सिटी में होगा। उद्घाटन मैच से पहले आयोजित समारोह में दुनिया भर के संगीत प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण तैयार किया गया है।
Shakira समारोह की सबसे बड़ी स्टार होंगी। उनके साथ Burna Boy, J Balvin, Danny Ocean, Belinda और अन्य कलाकार फीफा के आधिकारिक एल्बम के गीत प्रस्तुत करेंगे।
फीफा ने इस बार पुरस्कार राशि में रिकॉर्ड बढ़ोतरी की है। विजेता टीम को 50 मिलियन डॉलर की राशि मिलेगी, जबकि उपविजेता को 33 मिलियन डॉलर प्रदान किए जाएंगे। इसी तरह तीसरे स्थान पर रहने वाली टीम को 29 मिलियन डॉलर और चौथे स्थान पर रहने वाली टीम को 27 मिलियन डॉलर की राशि मिलेगी।
इसके अलावा प्रदर्शन आधारित कुल पुरस्कार राशि 655 मिलियन डॉलर निर्धारित की गई है।
इतना ही नहीं फीफा ने सभी क्वालिफाई करने वाली टीमों के लिए आर्थिक सहायता का भी प्रावधान किया है। इसके तहत 10 मिलियन डॉलर भागीदारी राशि और 2.5 मिलियन डॉलर तैयारी सहायता का प्रावधान है। इस तरह सबसे निचले स्थान पर रहने वाली टीम भी लगभग 21.5 मिलियन डॉलर (करीब 205 करोड़ रुपये) की राशि प्राप्त करेगी।
फुटबॉल की वैश्विक लोकप्रियता का अंदाजा पुरस्कार राशि से लगाया जा सकता है। 2023 क्रिकेट विश्व कप की कुल पुरस्कार राशि लगभग 10 मिलियन डॉलर थी, जबकि फीफा विश्व कप 2026 में केवल चैंपियन टीम को ही 50 मिलियन डॉलर मिलेंगे। यह अंतर फुटबॉल के विशाल वैश्विक बाजार और उसके आर्थिक प्रभाव को दर्शाता है।
विश्व कप का इतिहास बताता है कि इस प्रतियोगिता में सफलता हासिल करना कितना कठिन है। अब तक खेले गए सभी संस्करणों में केवल आठ देश ही चैंपियन बनने में सफल रहे हैं।
सबसे सफल टीमों में ब्राजील ने 5, जर्मनी और इटली ने 4-4, अर्जेंटिना ने 3 और उरुग्वे व फ्रांस ने 2-2 बार खिताब जीते हैं।
डिफेंडिंग चैंपियन Argentina एक बार फिर खिताब बचाने के इरादे से मैदान में उतरेगा। सबसे ज्यादा चर्चा स्टार फुटबॉलर Lionel Messi को लेकर है।
कई विशेषज्ञों का मानना है कि यह मेसी के करियर का आखिरी विश्व कप हो सकता है। यदि अर्जेंटीना लगातार दूसरी बार ट्रॉफी जीतने में सफल रहता है, तो यह आधुनिक फुटबॉल इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में गिना जाएगा।
फुटबॉल प्रशंसकों के लिए राहत की खबर यह है कि टूर्नामेंट के सबसे महत्वपूर्ण आठ मुकाबले बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के देखे जा सकेंगे। इनमें उद्घाटन मैच, चारों क्वार्टर फाइनल, दोनों सेमीफाइनल और फाइनल शामिल हैं। इन मुकाबलों का प्रसारण डीडी स्पोर्ट्स पर भी किया जाएगा, जिससे करोड़ों दर्शक मुफ्त में विश्व कप का रोमांच देख सकेंगे।