जलमग्न रतुआ में आपदा मोचन दल बना लोगों का सहारा

स्पीड बोट से दिन-रात राहत व बचाव कार्य जारी, जलमग्न लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा
जलमग्न रतुआ में आपदा मोचन दल बना लोगों का सहारा
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मालदह : चारों ओर पानी ही पानी। गंगा और फुलहर नदी के बढ़े जलस्तर से रतुआ-1 ब्लॉक के महानंदटोला और बिलाइमारी ग्राम पंचायतों के विस्तृत इलाके लगभग टापू में तब्दील हो गए हैं। घर, सड़क और संपर्क मार्ग जलमग्न हैं। ऐसे मुश्किल हालात में जलमग्न लोगों के लिए आपदा मोचन दल भरोसे का प्रमुख सहारा बना हुआ है। दल के सदस्य दिन-रात स्पीडबोट के जरिए कभी लोगों को सुरक्षित निकाल रहे हैं, तो कभी मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और राहत सामग्री पहुंचाने में जुटे हैं। तेज जलधारा और संपर्क व्यवस्था बाधित होने के कारण बाढ़ प्रभावित इलाकों के कई स्थानों तक सामान्य वाहनों से पहुंचना तो दूर, नाव से पहुंचना भी मुश्किल हो गया है। ऐसे में आपदा मोचन दल के सदस्य स्पीडबोट लेकर प्रभावित इलाकों तक पहुंच रहे हैं। जलमग्न परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने से लेकर संकट में फंसे लोगों को निकालने तक लगातार अभियान चलाया जा रहा है। सबसे बड़ी चुनौती बीमार और तत्काल चिकित्सा की जरूरत वाले लोगों को अस्पताल पहुंचाना है।

प्रभावित घरों से मरीजों को स्पीडबोट के जरिए नदी किनारे तक लाया जाता है और वहां से एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल भेजा जाता है। इससे दुर्गम जलमग्न इलाकों में रहने वाले मरीजों को समय पर उपचार मिल पा रहा है। आपदा मोचन दल का काम केवल लोगों को बचाने तक सीमित नहीं है। बाढ़ प्रभावित परिवारों के घरों से जरूरी सामान और फर्नीचर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, लोगों को एक इलाके से दूसरे इलाके में ले जाने और सरकारी राहत सामग्री प्रभावितों तक पहुंचाने का काम भी किया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों के निरीक्षण के लिए भी स्पीडबोट से ले जाया जा रहा है। कहीं बीमार मरीज, कहीं बुजुर्ग, तो कहीं बच्चे और गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की जरूरत पड़ रही है। नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ खतरा भी बढ़ रहा है। ऐसे में आपदा मोचन दल की स्पीडबोट लगातार प्रभावित इलाकों में दौड़ रही हैं।

बाढ़ के बीच स्पीड बोट लोगों के लिए जीवनरक्षक सहारा बनी

आपदा मोचन दल के इंस्पेक्टर हरदेव चौधरी ने बताया कि दल पूरे वर्ष लोगों को सेवा देता है। गंगा और फुलहर नदी के पानी से प्रभावित रतुआ-1 ब्लॉक के महानंदटोला और बिलाइमारी इलाके में दल लंबे समय से काम कर रहा है। घर और सड़कें पानी में डूब जाने के कारण फिलहाल नाव ही आवाजाही का प्रमुख साधन है। दुर्गम इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, जलमग्न लोगों तक सेवाएं पहुंचाने और बीमार लोगों को स्पीडबोट से बाहर निकालने का काम जारी है।

उन्होंने बताया कि प्रभावित परिवारों के घरों से सामान निकालकर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, सरकारी राहत सामग्री वितरित करने और लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने का काम भी किया जा रहा है। इसके अलावा किसी अन्य इलाके में आपदा की स्थिति उत्पन्न होने पर वहां भी पहुंचकर बचाव अभियान चलाया जाता है। बाढ़ के पानी ने जब लोगों की सामान्य जिंदगी रोक दी है, तब इसी पानी को चीरते हुए आपदा मोचन दल प्रभावितों तक पहुंच रहा है। प्रशासन की राहत और बचाव गतिविधियों में अग्रिम पंक्ति में जुटे दल की स्पीडबोट अब जलमग्न रतुआ में महज आवागमन का साधन नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में लोगों के लिए जीवनरक्षक सहारा बन गई है।

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