राजस्थान में पीएम-कुसुम योजना से ऊर्जा क्षेत्र में नई क्रांति, 1,617 सौर संयंत्र स्थापित

पीएम-कुसुम योजना से राज्य में ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से हो रहा विकास
ऊर्जा संयंत्र
ऊर्जा संयंत्र
Published on: 

जयपुर : भारत सरकार की किसानों के लिए शुरू की गई ‘पीएम-कुसुम’ योजना के तहत राजस्थान में अब तक 3,585 मेगावाट क्षमता के 1,617 सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में इस योजना के माध्यम से राज्य में ‘ऊर्जा क्षेत्र में नई क्रांति का सूत्रपात हो रहा है।’ कुसुम योजना के ‘कंपोनेंट-ए’ और ‘कंपोनेंट-सी’ के तहत गांव-ढाणियों में ये संयंत्र लगाए गए हैं जिनमें से 3,462 मेगावाट क्षमता के 1,525 संयंत्र पिछले दो वर्ष तीन माह में स्थापित किए गए हैं।

यह योजना को मिले प्रोत्साहन और जनभागीदारी को दर्शाता है। ‘कंपोनेंट-ए’ के तहत 686 मेगावाट के 496 संयंत्र स्थापित किए गए हैं, जिसमें राजस्थान देश में पहले स्थान पर है, जबकि ‘कंपोनेंट-सी’ के तहत 2,899 मेगावाट के 1,121 संयंत्र लगे हैं, जिसमें राज्य दूसरे स्थान पर है।

बयान में कहा गया, इससे किसानों को दिन में सिंचाई के लिए बिजली उपलब्ध हो रही है। गांव-ढाणियों और घर रोशन हो रहे हैं।

इस योजना के माध्यम से किसानों को ‘अन्नदाता’ से ‘ऊर्जादाता’ बनने का अवसर मिला है, जिससे कोयले से उत्पन्न बिजली पर निर्भरता कम हुई है और स्वच्छ, सस्ती सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ा है।

2027 तक किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने के मुख्यमंत्री के संकल्प को पूरा करने में यह योजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। इसमें कहा गया कि वर्तमान में इन संयंत्रों से प्रदेश के 2.29 लाख से अधिक किसानों को दिन में बिजली मिल रही है।

हाल के समय में योजना के तहत संयंत्रों को स्थापित करने में तेजी आई है। जयपुर, जोधपुर और अजमेर विद्युत वितरण निगम क्षेत्रों में प्रतिदिन औसतन तीन से चार संयंत्र स्थापित हो रहे हैं, जिससे करीब 10 मेगावाट क्षमता रोजाना ग्रिड से जुड़ रही है।

इस वर्ष जनवरी में 286 मेगावाट और फरवरी में 295 मेगावाट क्षमता के संयंत्र ग्रिड से जोड़े जा चुके हैं।

सन्मार्ग को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं →
Follow Sanmarg on Google News
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in