

जयपुर : मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शुक्रवार को ‘राज उन्नति’ की चौथी बैठक में लगभग 23,890 करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति को लेकर चर्चा की और इस दौरान । उन्होंने परियोजनाओं के तय समय में पूरा नहीं होने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को फटकारते हुए कहा कि परियोजनाओं को समय से पूरा करने में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतें तथा विकास कार्यों को हर हाल में तय समय में पूरा करें।
उन्होंने कहा कि परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की देरी के लिए व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी। साथ ही, लापरवाह कार्मिकों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने बैठक में अधिकारियों को ‘राज उन्नति’ की बैठक से 15 दिन पहले प्रत्येक विभाग में उच्च स्तरीय बैठक करने के निर्देश दिये ताकि विभागीय स्तर पर बेहतर निगरानी हो सके।
बैठक में जानकारी दी गई कि कृषि यंत्र किराया केंद्र स्थापना के लिए 87 प्रस्ताव प्रक्रियाधीन हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने असंतोष जाहिर करते हुए कहा कि कृषि यंत्र किराया केंद्र की सूची निर्धारित समय सीमा में जारी क्यों नहीं हुई। उन्होंने ग्रामीण विकास एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों को समन्वय स्थापित कर प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए।
बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कहा कि बेहतर हवाई संपर्क सुविधा उपलब्ध करवाना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने भरतपुर-डीग, सीकर-झुन्झुनूं, आबूरोड़, बांसवाड़ा में पूरी तरह से नया हवाई अड्डा स्थापित करने की व्यावहारिकता का अध्ययन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को बीकानेर के नाल हवाई अड्डा परियोजना को समय सीमा में एवं केन्द्र सरकार से समन्वय स्थापित करते हुए निविदा प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिये।
मुख्यमंत्री ने जयपुर उत्तरी रिंगरोड की प्रगति पर चर्चा करते हुए कहा कि इस संबंध में भूमि अवाप्ति व कार्यादेश संबंधी काम को शीघ्र पूरा किया जाए।
शर्मा ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में बुनियादी सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए अमृत 2.0 सचांलित है। उन्होंने अमृत 2.0 के तहत परियोजनाओं में देरी पर नाराजगी जताई।
मुख्यमंत्री ने राजस्थान सहकारी डेरी संघ की प्रगति, विस्तार एवं विभिन्न योजनाओं की अनुपालना को लेकर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।
मुख्यमंत्री ने डेरी क्षेत्र को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बताते हुए अधिकाधिक पशुपालकों को इससे जोड़ने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि डेरी क्षेत्र राज्य की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है और इसे और सशक्त बनाने के लिए नवाचार एवं प्रभावी क्रियान्वयन आवश्यक है।