पौधारोपण घोटाले का आरोप : गहलोत ने भाजपा सरकार से जांच की मांग की

गहलोत ने कहा, कांग्रेस राज में बढ़ी हरियाली भाजपा शासन में संदिग्ध पौधारोपण दावों और सीमित सत्यापन के कारण कटघरे में
अशोक गहलोत
अशोक गहलोत
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जयपुर : राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को राज्य की मौजूदा भाजपा सरकार के कार्यकाल में पौधारोपण में घोटाले का आरोप लगाते हुए इसकी जांच करवाने की मांग की है।

गहलोत ने लोकसभा में पेश आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि राज्य सरकार पौधारोपण के लिहाज से उनकी सरकार की विरासत को संभाल नहीं पा रही है।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गहलोत ने कहा कि केंद्र सरकार ने स्वयं लोकसभा में हमारी सरकार के कार्यकाल की एक बड़ी उपलब्धि पर मुहर लगाई है। पर्यावरण मंत्रालय द्वारा 20 जुलाई 2026 को प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, भारत वन स्थिति रिपोर्ट (ISFR) 2023 में राजस्थान का वन एवं वृक्ष आवरण 26,995 वर्ग किलोमीटर से बढ़कर 27,389 वर्ग किलोमीटर हो गया, यानी 394.46 वर्ग किलोमीटर की वृद्धि।

उन्होंने कहा, इस वृद्धि के साथ राजस्थान पूरे देश में चौथे स्थान पर रहा। यह पूरी अवधि हमारी कांग्रेस सरकार का कार्यकाल है।

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पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रदेश का दो-तिहाई भूभाग थार मरुस्थल हो, उस रेगिस्तानी धरती पर हरियाली बढ़ाकर देश के चार अग्रणी राज्यों में स्थान बनाना ऐतिहासिक है। इस अवधि में देश में कुल 1,446 वर्ग किलोमीटर हरित क्षेत्र बढ़ा, जिसमें अकेले राजस्थान का योगदान 27 प्रतिशत से अधिक रहा।

उन्होंने कहा, BJP शासित मध्य प्रदेश में देश की सबसे बड़ी गिरावट (612 वर्ग किमी) दर्ज हुई। गुजरात, हरियाणा और पंजाब तीनों पड़ोसी राज्य मिलकर भी राजस्थान की बराबरी नहीं कर सके।

कांग्रेस नेता ने कहा कि यह उपलब्धि हमारी कांग्रेस सरकार की घर-घर औषधि योजना, MANREGA के तहत सघन पौधारोपण, वन विभाग को दिए गए पर्याप्त बजट और प्रदेश की जनता की भागीदारी का परिणाम है। गहलोत ने इसके लिए किसानों, महिलाओं, नरेगा श्रमिकों और वनकर्मियों आदि भागीदारों का आभार जताया।

गहलोत ने आरोप लगाते हुए कहा, दुख इस बात का है कि जो विरासत हमने सौंपी, वर्तमान भाजपा सरकार उसे संभाल नहीं पा रही। लोकसभा में ही प्रस्तुत एक अन्य आंकड़े के अनुसार वर्ष 2025-26 में 11.57 करोड़ पौधे लगाने के दावे में से केवल 1.69 करोड़ पौधों का ही सत्यापन हो सका, जबकि पौधारोपण पर 127.78 करोड़ रुपए खर्च कर दिए गए।

पौधारोपण में इसकी जांच करवाने की मांग करते हुए कहा, राजस्थान सरकार के इस घोटाले की जांच करनी चाहिए कि करोड़ों रुपये की राशि खर्च करने के बावजूद पेड़-पौधे कहां गायब हो गए या कभी लगाए ही नहीं गए ?

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