राजस्थान में 2 बच्चियों की मौत के बाद ‘चांदीपुरा वायरस’ को लेकर निगरानी तेज

घर-घर सर्वे और बच्चों की विशेष जांच के साथ मच्छरजनित बीमारियों पर कड़ी नजर
 सांकेतिक तस्वीर
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जयपुर : राजस्थान में एक खतरनाक वायरस से संक्रमित दो बच्चियों की मौत के बाद चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने डूंगरपुर, सिरोही और आस-पास के इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है तथा मच्छर-मक्खी से फैलने वाली बीमारियों को रोकने के उपाय तेज कर दिए हैं।

अधिकारियों के अनुसार यह यह कदम तब उठाया गया जब प्रयोगशाला की रिपोर्ट से पुष्टि हुई कि राज्य की जिन दो बच्चियों की मौत गुजरात में इलाज के दौरान हुई वे खतरनाक ‘चांदीपुरा वायरस’ (CHPV) से संक्रमित पाई गई थीं।

उन्होंने बताया कि ये डूंगरपुर ज़िले के रतनपुरा गांव की छह साल की लड़की और सिरोही जिले की दो साल की लड़की हैं। अधिकारियों ने बताया कि दोनों की मौत गुजरात के अस्पतालों में हुई और ‘गुजरात बायोटेक्नोलॉजी रिसर्च सेंटर’ ने उनके संक्रमण की पुष्टि की।

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उन्होंने कहा कि उसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्रभावित गांवों का दौरा किया, 15 साल से कम उम्र के बच्चों की जांच की तथा इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए कीटनाशक का छिड़काव किया।

अधिकारियों के अनुसार रतनपुरा की छह साल की लड़की की मौत 15 जुलाई को हुई थी और 23 जुलाई को प्रयोगशाला रिपोर्ट से पुष्टि हुई कि वह इस वायरस से पीड़ित थी।

स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि स्वास्थ्य टीम ने रतनपुरा गांव में 75 घरों का सर्वे किया और बच्चों की लक्षणों के लिए जांच की लेकिन अब तक कोई संदिग्ध मामला नहीं मिला है।

अधिकारियों के मुताबिक सिरोही की दो साल की एक लड़की की कुछ दिन पहले गुजरात में इलाज के दौरान मौत हो गई थी जिसके बाद विभाग ने सियावा और आस-पास की आदिवासी बस्तियों में सर्वे और 'वेक्टर-कंट्रोल' अभियान शुरू किया।

स्वास्थ्य टीम ने इलाकों में लगभग 600 घरों का सर्वे किया और 15 साल से कम उम्र के बच्चों की विशेष स्वास्थ्य जाच की। इस इलाके में अब तक इस वायरस का कोई संदिग्ध मामला नहीं मिला है।

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