

कोलकाता : मंगलवार को विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला, जिसके बाद सदन में भारी हंगामा शुरू हो गया।
इसी बीच ऋतब्रत बंद्योपाध्याय के नेतृत्व में तृणमूल का बागी गुट विरोध में वॉकआउट कर गया। हालांकि, ममता खेमे के कुणाल घोष और शोभनदेव चट्टोपाध्याय अपनी सीटों पर ही बैठे रहे, जिससे राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छिड़ गई।
शुभेंदु ने ममता के पुराने बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि बंगाल की जनता ने उन्हें जवाब दे दिया है। उनके भाषण के दौरान शोर-शराबा बढ़ने पर ऋतब्रत गुट के विधायक वेल में उतर गए और फिर वॉकआउट कर गए। इस पर मुख्यमंत्री ने तंज कसते हुए कहा कि “कालीघाट तृणमूल तो रह गई, लेकिन खुद को असली बताने वाली तृणमूल भाग गई।”
इसके बाद कुणाल घोष ने मुख्यमंत्री से कहा कि यदि महिला उत्पीड़न के आरोपियों पर कार्रवाई हो रही है, तो ऋतब्रत के खिलाफ लगे आरोपों पर भी कदम उठाया जाए। मुख्यमंत्री ने जवाब दिया कि यदि ऋतब्रत या संदीपन दे के खिलाफ शिकायत है तो दी जाए, कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, वॉकआउट में शामिल नहीं होने पर शोभनदेव चट्टोपाध्याय ने कहा कि जो लोग ममता बनर्जी की पीठ में छुरा घोंपते हैं, पार्टी को उनकी झूठी सहानुभूति नहीं चाहिए, इसलिए वॉकआउट का सवाल ही नहीं उठता।
दूसरी ओर, ऋतब्रत गुट के एक विधायक ने दावा किया कि वॉकआउट ममता पर टिप्पणी के विरोध में नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं पर लगातार हो रहे कथित अत्याचार के खिलाफ था।