

कोलकाता : पश्चिम बंगाल विधानसभा अब लोकसभा की तर्ज पर सांसदों की तरह विधायकों के कार्यों का वार्षिक मूल्यांकन कर उन्हें सम्मानित करेगी।
गुरुवार को विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बोस ने घोषणा की कि एक स्वतंत्र एजेंसी विधायकों के प्रदर्शन का आकलन कर रिपोर्ट तैयार करेगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर हर वर्ष एक विधायक को 'सर्वश्रेष्ठ विधायक' के रूप में सम्मानित किया जाएगा।
अध्यक्ष ने बताया कि मूल्यांकन के दौरान सबसे पहले विधानसभा में विधायक की उपस्थिति और सदन में उनकी सक्रिय भागीदारी का आकलन किया जाएगा। इसके अलावा यह भी देखा जाएगा कि उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र के लोगों के हित में कौन-कौन से कार्य किए हैं। एजेंसी की रिपोर्ट के आधार पर अंतिम चयन किया जाएगा।
अध्यक्ष ने कहा कि इस पहल से विधायकों को अधिक सक्रिय और जवाबदेह बनने की प्रेरणा मिलेगी। हालांकि, इस दौरान अध्यक्ष ने सदन में विधायकों की अनुपस्थिति पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, ‘विधायक भाषण देकर चले जाते हैं। मंत्री जवाब देने के लिए मौजूद रहते हैं, लेकिन उन्हें सुनने वाला कोई नहीं होता। क्या हम अपनी जिम्मेदारी सही ढंग से निभा रहे हैं?’