कोलकाता के स्कूलों में ISKCON बनाएगा मिड-डे मील

प्रति छात्र 10 रुपये आवंटन और गुणवत्ता सुधार पर जोर
सांकेतिक चित्र
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सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के पहले पूर्ण बजट के बाद शिक्षा और पोषण व्यवस्था को लेकर बड़ा निर्णय लिया गया है। कोलकाता नगर निगम क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में अब मिड-डे मील तैयार करने और आपूर्ति की जिम्मेदारी इस्कॉन (ISKCON) को दी जाएगी। इस योजना को पहले चरण में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू किया जाएगा, जिसके बाद इसे अन्य क्षेत्रों में विस्तारित करने पर विचार किया जाएगा। सरकार का कहना है कि बच्चों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए यह नई व्यवस्था लागू की जा रही है, ताकि छात्रों को सुरक्षित, पौष्टिक और मानक गुणवत्ता वाला भोजन उपलब्ध कराया जा सके।

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इसके साथ ही मिड-डे मील योजना के तहत प्रति छात्र खर्च को बढ़ाकर 10 रुपये कर दिया गया है, जिससे भोजन की गुणवत्ता में सुधार किया जा सके। पहले यह राशि लगभग 6.50 रुपये थी। सरकार का मानना है कि बढ़े हुए बजट से बच्चों के पोषण स्तर में सुधार होगा और स्कूलों में उपस्थिति पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

इसके अलावा मिड-डे मील योजना से जुड़े रसोइयों और कर्मियों के मानदेय में भी 1000 रुपये की वृद्धि की घोषणा की गई है। इससे जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों को आर्थिक राहत मिलेगी और व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा।

इस्कॉन पहले से ही देश के कई राज्यों में सामुदायिक भोजन और मिड-डे मील कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाता रहा है। अब कोलकाता में इस मॉडल को लागू करने से प्रशासन को उम्मीद है कि भोजन वितरण प्रणाली अधिक संगठित, पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।

सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह कदम केवल भोजन व्यवस्था में सुधार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और समग्र विकास को भी मजबूत करना है।

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