असम में सिर कटा शव मिलने से सनसनी

हत्या में चार गिरफ्तार
असम में सिर कटा शव मिलने से सनसनी
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गुवाहाटी : असम के जोरहाट जिले के मारियानी इलाके में भोगदोई नदी के किनारे रेत के नीचे एक युवक का सिर कटा और सड़ा-गला शव मिलने के बाद सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान ग्रीन व्यू टी एस्टेट के 31 वर्षीय कर्मचारी अनिल राजगढ़ के रूप में हुई है। अनिल 7 सितंबर से लापता था। शव बरामद होने के बाद पुलिस ने हत्या की जांच शुरू की और मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया है।

छह दिन बाद नदी किनारे मिला शव

पुलिस के अनुसार, अनिल के लापता होने के बाद ग्रीन व्यू टी एस्टेट के कर्मचारी और स्थानीय लोग उसकी तलाश कर रहे थे। करीब छह दिन बाद शनिवार को भोगदोई नदी के किनारे एक रेत के टीले के नीचे उसका शव मिला। शव काफी सड़-गल चुका था। पुलिस की जांच में सामने आया कि शव को रेत में दफनाने से पहले कथित तौर पर उसका सिर काट दिया गया था। इस जानकारी के सामने आने के बाद पुलिस ने मामले को हत्या के रूप में लेते हुए जांच तेज कर दी। पुलिस ने बुधवार तड़के मामले के मुख्य आरोपी बताए जा रहे कपिल करमाकर को गिरफ्तार किया। इसके बाद उसकी पत्नी अनिमा करमाकर, उसके भाई संजीत करमाकर और महेश राजगढ़ को भी कथित संलिप्तता के आरोप में हिरासत में लिया गया। पुलिस अब चारों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांचकर्ताओं का प्रयास यह पता लगाना है कि हत्या की योजना कब और कहां बनाई गई, घटना को किस स्थान पर अंजाम दिया गया और शव को भोगदोई नदी तक किस तरह पहुंचाया गया।

विवाहेतर संबंध के एंगल से जांच

प्रारंभिक जांच में पुलिस को अनिल राजगढ़ और अनिमा करमाकर के बीच कथित संबंध की जानकारी मिली है। इसी आधार पर जांचकर्ता विवाहेतर संबंध को हत्या के संभावित कारण के तौर पर देख रहे हैं। हालांकि, पुलिस ने अभी इसे अंतिम कारण के रूप में घोषित नहीं किया है और मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। जांच में सामने आए प्रारंभिक विवरण के अनुसार, पुलिस को संदेह है कि अनिमा ने अनिल से संपर्क कर उसे मिलने के लिए बुलाया था। आरोप है कि इसी दौरान कपिल करमाकर और अन्य आरोपी वहां मौजूद थे। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि मुलाकात के दौरान वास्तव में क्या हुआ और हत्या में प्रत्येक आरोपी की कथित भूमिका क्या थी।

शव ठिकाने लगाने के तरीके की भी जांच

पुलिस को संदेह है कि हत्या के बाद अनिल के शव को भोगदोई नदी के किनारे ले जाया गया और रेत के नीचे दबा दिया गया। जांचकर्ता यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि शव को वहां तक ले जाने में कौन-कौन शामिल था। पुलिस आरोपियों के बयानों के अलावा घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य परिस्थितिजन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है, ताकि घटना की पूरी कड़ी स्थापित की जा सके।

चाय बागान में शोक और चिंता

अनिल के लापता होने के बाद से ही ग्रीन व्यू टी एस्टेट के कर्मचारी और स्थानीय लोग उसकी तलाश कर रहे थे। नदी किनारे शव मिलने और उसकी पहचान होने के बाद चाय बागान में शोक और चिंता का माहौल है। पुलिस ने कहा है कि मामले की जांच जारी है और गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर हत्या के पीछे की पूरी वजह तथा घटनाक्रम को स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रारंभिक जांच में सामने आए विवाहेतर संबंध के एंगल के अलावा पुलिस अन्य संभावित कारणों को भी जांच के दायरे में रख रही है।

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