

ईटानगर : अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने प्रस्तावित सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट (SUMP) को लेकर सरकार द्वारा लोगों पर दबाव बनाए जाने के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि परियोजना को लेकर किसी तरह की जबरदस्ती नहीं की जा रही है और जिन ग्रामीणों या संगठनों को इसकी प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट (PFR) अथवा परियोजना से संबंधित कोई आशंका है, वे सरकार के साथ बातचीत कर सकते हैं।
दो साल से चल रही परियोजना पर चर्चा
खांडू ने कहा कि प्रस्तावित परियोजना और इसकी प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट को लेकर पिछले दो वर्षों से चर्चा चल रही है। उनके अनुसार, कई ग्रामीण आगे आए हैं और परियोजना के समर्थन में समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर भी किए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उन लोगों से भी संवाद के लिए तैयार है जो परियोजना का विरोध कर रहे हैं या इसके प्रभाव को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
11,000 से 12,500 मेगावाट की परियोजना
सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट सियांग नदी पर प्रस्तावित है। यह नदी तिब्बत में यारलुंग त्संगपो के नाम से बहती है। परियोजना की प्रस्तावित क्षमता करीब 11,000 से 12,500 मेगावाट के बीच बताई जा रही है। परियोजना को लेकर चार जिलों—ईस्ट सियांग, सियांग, अपर सियांग और वेस्ट सियांग—में अलग-अलग मत सामने आए हैं।
विस्थापन और पर्यावरण को लेकर विरोध
परियोजना का विरोध करने वाले ग्रामीणों और संगठनों की ओर से विस्थापन, पर्यावरणीय प्रभाव तथा भूकंप के जोखिम को लेकर चिंताएं जताई जाती रही हैं। विरोध से जुड़े समूहों का कहना है कि प्री-फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया आगे बढ़ने से भविष्य में बड़े बांध के निर्माण का रास्ता खुल सकता है। दूसरी ओर, सरकार परियोजना को लेकर स्थानीय लोगों से बातचीत और सहमति बनाने की बात कह रही है।
चीन के मेगा डैम से भी जुड़ा मुद्दा
सियांग परियोजना को चीन द्वारा यारलुंग त्संगपो नदी पर प्रस्तावित बड़े जलविद्युत प्रोजेक्ट की पृष्ठभूमि में भी देखा जा रहा है। भारत ने सियांग परियोजना को रणनीतिक और ऊर्जा सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण बताया है। हालांकि, अरुणाचल के कुछ कार्यकर्ता और स्थानीय संगठन केंद्र से परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए चीन के प्रस्तावित बांध का हवाला देने से बचने की मांग कर रहे हैं।
भानु तातक के खिलाफ सीबीआई मामला
परियोजना को लेकर विवाद उस समय और चर्चा में आया जब सीबीआई ने वकील एवं पर्यावरण कार्यकर्ता भानु तातक के खिलाफ कथित एफसीआरए उल्लंघन का मामला दर्ज किया। सीबीआई की एफआईआर के अनुसार, 2022 से 2025 के बीच उनके रोइंग स्थित भारतीय स्टेट बैंक खाते में विदेशी मुद्रा लेनदेन के जरिए 20.94 लाख रुपये जमा हुए। एजेंसी का आरोप है कि इन रकमों के लिए आवश्यक एफसीआरए पंजीकरण या पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी।
दो जलविद्युत परियोजनाओं के विरोध में फंड इस्तेमाल करने का आरोप
सीबीआई का आरोप है कि विदेशी धन का इस्तेमाल सियांग अपर मल्टीपर्पज प्रोजेक्ट और 2,880 मेगावाट की दिबांग मल्टीपर्पज हाइड्रोपावर परियोजना के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों को आयोजित करने और जारी रखने में किया गया। तातक सियांग इंडिजिनस फार्मर्स फोरम से कानूनी रूप से जुड़ी रही हैं और दिबांग रेजिस्टेंस से भी संबद्ध बताई जाती हैं।
तातक ने आरोपों से किया इनकार
तातक ने किसी कानूनी उल्लंघन से इनकार किया है और कहा है कि वह जांच में सहयोग कर रही हैं। सीबीआई की ओर से लगाए गए आरोप अभी जांच के स्तर पर हैं और उन्हें अदालत में साबित किया जाना बाकी है।
सरकार के सामने संवाद की चुनौती
मुख्यमंत्री खांडू के ताजा बयान से परियोजना को लेकर सरकार और विरोध कर रहे स्थानीय समूहों के बीच संवाद का रास्ता खुला रखने का संकेत मिला है। वहीं, परियोजना के विरोध में सक्रिय समूह स्थानीय समुदायों की चिंताओं, पर्यावरणीय प्रभाव और संभावित विस्थापन को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज करा रहे हैं।