होटल की इमारत में रह रहे स्थानीय रहवासी राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल ने बतायी आंखोंदेखी
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : आधी रात के करीब होटल में अचानक लगी आग से अफरा-तफरी मच गई। घटना के दौरान इमारत की निचली मंजिल पर रहने वाले राजेंद्र प्रसाद अग्रवाल अपनी पत्नी के साथ सो रहे थे। उन्होंने आंखोंदेखी बताते हुए कहा कि रात करीब दो बजे अचानक चीख-पुकार और शोर सुनकर उनकी नींद खुली। बरामदे में आकर देखा तो होटल से आग की ऊंची लपटें निकल रही थीं और लोग मदद के लिए शोर मचा रहे थे। आग की लपटों और धुएं के बीच इमारत की दूसरी मंजिल पर कई लोग फंस गए थे। उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने के लिए आसपास के लोगों ने मदद की गुहार लगाई। इसी दौरान उसी इमारत की चौथी मंजिल पर स्थित एक होटल में ठहरे कुछ युवकों ने साहस दिखाया। उन्होंने एसी के सहारे नीचे उतरकर दूसरी मंजिल पर फंसे लोगों तक पहुंच बनाई और उन्हें बाहर निकालने में मदद की।
बाथरूम की खिड़की से मांगी मदद
आग वाले होटल में ठहरे एक यात्री ने भी जान बचाने के लिए सूझबूझ दिखाई। बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिलने पर वह होटल के बाथरूम की खिड़की से बाहर निकला और मदद के लिए आवाज लगाई। आसपास मौजूद लोगों ने उसकी मदद कर उसे सुरक्षित बाहर निकाला। घटना के बाद इलाके में काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल रहा। स्थानीय लोगों ने आग बुझाने और फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने में अपनी ओर से हरसंभव मदद की। हादसे के दौरान युवकों की तत्परता और साहस से कई लोगों की जान बच सकी।