

न्यूयॉर्क/ कोलकाता : भारत के दिग्गज उद्योगपति मुकेश अंबानी की पत्नी नीता अंबानी ने इस हफ्ते न्यूयॉर्क में TIME100 समिट के दौरान जो साड़ी पहनी, वह पश्चिम बंगाल से पश्चिमी देशों तक पूरी दुनिया में चर्चा में है। यह साड़ी है ही इतनी खास कि इसकी इतनी चर्चा बनती भी है। नीता अंबानी ने जो साड़ी पहनी, वह पश्चिम बंगाल की जामदानी साड़ी है। यह भारतीय हस्तशिल्प को वैश्विक मंच पर प्रदर्शित करने का प्रतीक बन गई। इस साड़ी की कीमत इतनी है कि कुछ लड़कियों की शादी का कुल बजट भी इतना नहीं होता। इसकी कीमत जानकार आप हैरान रह जाएंगे।
जब इस साड़ी की इतनी चर्चा है तो स्वाभाविक है कि इसमें इतनी ही खूबियां भी होंगी। सबसे बड़ी विशेषता यह है कि इसे पद्मश्री बुनकर बीरेन कुमार बसाक ने बुना है, वह भी पूरी तरह हाथों से। फुलिया (पश्चिम बंगाल) के बुनकर को इस साड़ी को हाथ से बुनने में पूरे 24 महीनों का समय लगा। हालांकि, बंगाल की सामान्य जामदानी साड़ी हाथ से ही बुनी जाती हैं और खास होती हैं, लेकिन फिर भी वे इतनी महंगी नहीं होती। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इसकी कीमत 11 लाख रुपये है।
बीरेन कुमार बसाक बंगाल के ही नहीं, देश के प्रसिद्ध बुनकर हैं। उनकी कला की इतनी प्रशंसा होती है कि केंद्र सरकार द्वारा उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया जा चुका है। बीरेन कुमार बसाक ने 1996 में रामायण पर आधारित एक अनोखी जामदानी साड़ी बुनी, जो उनकी सबसे प्रसिद्ध कृतियों में से एक है। इस साड़ी को बनाने में एक साल की योजना और दो साल की बुनाई लगी, जिसमें रामायण की पूरी कथा को जटिल मोटिफ्स के माध्यम से उकेरा गया।
जामदानी बुनाई बंगाल की 2000 साल पुरानी कला है, जो हल्के मलमल या सूती कपड़े पर बिना अतिरिक्त चरखी के जटिल मोटिफ्स बनाती है। इस साड़ी में आदिवासी जीवनशैली के चित्र जैसे मानव आकृतियां, जानवर, पत्तियां आदि पल्लू पर उकेरे जाते हैं, जो बुनकर बसाक की विशेषता है। पहले भी उन्होंने रामायण साड़ी बनाई, जो गिनीज रिकॉर्ड में दर्ज है। यह साड़ी बंगाल की फुलिया हैंडलूम परंपरा का उत्कृष्ट उदाहरण है, जहां राम के जन्म से लंका विजय तक के प्रसंग रावण वध, हनुमान दूत, सीता हरण आदि पल्लू और बॉर्डर पर बारीकी से बुने गए। जामदानी तकनीक से बिना अतिरिक्त धागे के ये डिजाइन उभरे, जो 2000 साल पुरानी बंगाली कला को दर्शाता है।
इस साड़ी के लिए बसाक को ब्रिटेन की एक यूनिवर्सिटी से सम्मानित डॉक्टरेट की डिग्री भी मिल चुकी है। यह गिनीज रिकॉर्ड स्तर की उपलब्धि थी, जो बुनकर समुदाय के लिए प्रेरणा बनी। बाद में नीता अंबानी की जामदानी साड़ी भी इसी शैली में बनी।
‘भारत का समय आ गया है’ (India’s time has come) - नीता अंबानी
नीता अंबानी ने TIME100 समिट (22 अप्रैल 2026, न्यूयॉर्क) में यह खास साड़ी पहनी। उन्होंने TIME CEO जेसिका सिबली के साथ "लीडरशिप लेंस" सत्र में भारत की वैश्विक भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा, ‘भारत का समय आ गया है’ (India’s time has come), और भारत को सॉफ्ट पावर के रूप में पेश किया जो संस्कृति, मूल्यों व करुणा से दुनिया को जोड़ सकता है। नीता ने इसे ग्रीन बिंदी, बसरा मोतियों की पर्ल नेकलेस, एमराल्ड इयररिंग्स और सटल मेकअप के साथ कैरी किया। स्टेज पर TIME CEO से बातचीत के दौरान यह लुक वायरल हुआ, सोशल मीडिया पर तारीफें बटोरीं। यह बातचीत जामदानी साड़ी लुक के साथ हुई, जो भारतीय हस्तशिल्प को हाइलाइट करती रही। इंटरव्यू का पूरा हिस्सा बाद में रिलीज होने की बात कही गई।
नीता ने कहा कि दुनिया को हार्ड पावर (सैन्य/आर्थिक ताकत) की बजाय सॉफ्ट पावर चाहिए, जहां भारत मजबूत है। उन्होंने TIME100 Next India की घोषणा की, जो रिलायंस के साथ पहली बार मुंबई में दिसंबर 2026 में होगा। इसमें कला, विज्ञान, खेल व व्यवसाय के 100 उभरते भारतीय लीडर्स को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रिलायंस का लक्ष्य दुनिया की सर्वश्रेष्ठ चीजें भारत लाना और भारत की प्रतिभा को वैश्विक मंच देना है।