जब राशिद ने ठुकरा दी नागरिकता की पेशकश

एक किताब ‘राशिद खान: फ्रॉम स्ट्रीट्स टू स्टारडम’ में इस ऑलराउंडर ने लेखक मोहम्मद हांद जाफर को बताया कि भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों ने ही उन्हें इस तरह के प्रस्ताव दिए थे जिन्हें उन्होंने अस्वीकार कर दिया। यह किताब सोमवार को रिलीज होगी।
फाइल फोटो
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नयी दिल्ली : अफगानिस्तान के करिश्माई लेग स्पिनर राशिद खान से अनौपचारिक तौर पर एक नहीं बल्कि दो देशों ने संपर्क किया था और उन्हें नागरिकता के साथ-साथ अपने देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका देने की पेशकश की थी जिनमें भारत भी शामिल था लेकिन इस स्टार क्रिकेटर ने इन प्रस्तावों को ठुकरा दिया।राशिद ने इसके बजाय अपने वतन के प्रति वफादार रहना चुना और यह बात एक नयी किताब में सामने आई है। एक किताब ‘राशिद खान: फ्रॉम स्ट्रीट्स टू स्टारडम’ में इस ऑलराउंडर ने लेखक मोहम्मद हांद जाफर को बताया कि भारत और ऑस्ट्रेलिया दोनों ने ही उन्हें इस तरह के प्रस्ताव दिए थे जिन्हें उन्होंने अस्वीकार कर दिया। यह किताब सोमवार को रिलीज होगी।

किताब में खान के हवाले से कहा गया है, ‘मुझे ऑस्ट्रेलिया और भारत दोनों ही देशों से इस तरह के प्रस्ताव (नागरिकता और खेलने के) मिले थे। लेकिन मैंने उनसे कहा, ‘अगर मैं अपने देश के लिए नहीं खेलूंगा तो मैं किसी और देश के लिए भी नहीं खेलूंगा’।’ हालांकि उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की पेशकश के बारे में विस्तार से कुछ नहीं बताया है। लेकिन 27 वर्षीय इस क्रिकेटर ने 2023 इंडियन प्रीमियर लीग सत्र के दौरान भारत से मिली पेशकश के बारे में विस्तार से बताया है। राशिद इस समय IPL में गुजरात टाइटन्स की ओर से खेल रहे हैं।

उन्होंने बताया कि उनकी टीम के एक अधिकारी ने उन्हें सूचित किया था कि ‘भारतीय क्रिकेट बोर्ड का एक शीर्ष अधिकारी’ उनसे मिलना चाहते है। राशिद ने किताब में यह घटना बताते हुए कहा, ‘मैं उनके पास गया और नमस्ते किया। हम बात करने लगे और उन्होंने कहा, ‘तुम्हारे देश (अफगानिस्तान) की स्थिति बहुत खराब है। भारत आकर रहो। हम तुम्हें भारतीय दस्तावेज देंगे, यहां रहो, यहां क्रिकेट खेलो’। उनकी बात सुनकर मैं हैरान रह गया और समझ नहीं आया कि क्या कहूं। लेकिन मैंने मुस्कुराकर कहा, ‘आपका बहुत धन्यवाद। मैं अपने देश अफगानिस्तान के लिए खेल रहा हूं।’ उनकी अपने देश अफगानिस्तान के प्रति वफादारी पहले भी कई बार सुर्खियों में रही है।

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