

चेन्नई : पहले दो मैच में धमाकेदार जीत से उत्साहित भारतीय टीम अफगानिस्तान के खिलाफ शनिवार को यहां होने वाले तीसरे और अंतिम वनडे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैच में क्लीन स्वीप करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। मैच दोपहर 1:30 बजे शुरू होगा। इस मुकाबले में केएल राहुल और यशस्वी जायसवाल के प्रदर्शन पर नजर रहेगी। राहुल की वनडे टीम में जगह को लेकर कभी कोई संदेह नहीं रहा है, लेकिन जायसवाल शीर्ष क्रम में कड़ी प्रतिस्पर्धा को देखते हुए अपनी जगह पक्की करने के लिए बड़ी पारी खेलना चाहेंगे। जायसवाल ने 2025 के बाद वनडे टीम में वापसी की है लेकिन वह लखनऊ में अफगानिस्तान के खिलाफ दूसरे मैच में केवल चार रन ही बना पाए।
बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने इससे पहले जो आखिरी वनडे खेला था उसने उन्होंने विशाखापत्तनम में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ नाबाद 116 रन बनाए थे, लेकिन उसके बाद स्थिति काफी बदल गई है और अब ईशान किशन की वापसी ने शीर्ष क्रम में एक और दावेदार को जोड़ दिया है। किशन ने लखनऊ में शतक लगाकर अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। कप्तान शुभमन गिल ने जायसवाल को जगह देने के लिए तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी की और शतक जड़ा। लेकिन जब विराट कोहली मांसपेशियों में खिंचाव से उबरने के बाद वापसी करेंगे तो उनका तीसरे नंबर पर खेलना पक्का है।
इससे गिल के पास रोहित शर्मा के साथ पारी की शुरुआत करने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचता। किशन और श्रेयस अय्यर क्रमशः चौथे और पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी कर रहे हैं। ऐसी स्थिति में जायसवाल को सीमित अवसरों का पूरा फायदा उठाना होगा। जायसवाल के लिए इस मैच में बड़ा स्कोर बनाना बेहद जरूरी है क्योंकि इंग्लैंड दौरे के लिए भारत की वनडे टीम की घोषणा जल्द ही की जाएगी। अजीत अगरकर की अध्यक्षता वाली चयन समिति एक और असफलता को शायद ही बर्दाश्त करेगी। अगर चयनकर्ता सूर्यकुमार यादव को T-20 विश्व कप में टीम को जीत दिलाने के बावजूद टीम से बाहर कर सकते हैं तो अन्य खिलाड़ियों को भी नहीं बख्शा जा सकता है।
इसलिए यह कहना गलत नहीं होगा कि जायसवाल की वनडे में किस्मत उनके हाथ में ही है। राहुल का मामला बिल्कुल अलग है। लंबे अंतराल के बाद भारतीय टीम में अय्यर की वापसी का मतलब है कि 34 वर्षीय राहुल को अब अधिकतर मौकों पर छठे नंबर पर बल्लेबाजी करनी होगी। राहुल लंबे समय तक पांचवें नंबर पर बल्लेबाजी कर रहे थे और उन्होंने इस पोजीशन पर अच्छा प्रदर्शन भी किया है। उन्होंने पांचवें नंबर पर खेलते हुए 38 मैचों में 63.2 के औसत से 1517 रन बनाए हैं, जिसमें तीन शतक और 10 अर्द्धशतक शामिल हैं। इसके विपरीत छठे नंबर पर उन्होंने 15 मैचों में 41.5 की औसत से 332 रन बनाए हैं, जिसमें एक अर्द्धशतक शामिल है।