

लखनऊ : दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने अपने बेटे और बाएं हाथ के तेज गेंदबाज अर्जुन की इंडियन प्रीमियर लीग के मौजूदा सत्र में लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के अंतिम लीग मैच में इस फ्रेंचाइजी की तरफ से अपने पदार्पण मैच में अच्छा प्रदर्शन करने पर उनके धैर्य और क्षमता की सराहना की। LSG ने इससे पहले अर्जुन को किसी भी मैच में खेलने का मौका नहीं दिया। इस बीच वह नेट और अभ्यास मैचों में अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे लेकिन अपनी काबिलियत साबित करने के लिए उन्हें सत्र के आखिरी मैच तक इंतजार करना पड़ा।
LSG की पंजाब किंग्स से हार के बाद तेंदुलकर ने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश लिखा। तेंदुलकर ने कहा, ‘शाबाश, अर्जुन। इस पूरे सत्र में जिस तरह से तुमने खुद को संभाला है, उस पर मुझे गर्व है। हमेशा अपनी क्षमता पर विश्वास बनाए रखा, धैर्य रखा, चुपचाप कड़ी मेहनत की और आखिरी मैच तक अपने मौके का इंतजार करने के बावजूद सकारात्मक बने रहे।’ उन्होंने कहा, ‘क्रिकेट में कौशल के साथ-साथ धैर्य की भी परीक्षा होती है और आज तुमने दोनों को बखूबी निभाया।
अपने पांव जमीन पर बनाए रखना और खेल के प्रति अपने प्रेम को हमेशा की तरह बरकरार रखना। तुम्हें ढेर सारा प्यार।’अर्जुन का पहला ओवर काफी अच्छा था और अगर कप्तान ऋषभ पंत ने प्रभसिमरन सिंह की गेंद पर मुश्किल कैच लपक लिया होता तो उन्हें विकेट मिल सकता था। उन्होंने शुरुआती ओवरों में लेंथ पर गेंदबाजी की, लेकिन 15वें ओवर में प्रभसिमरन को यॉर्कर पर पगबाधा आउट किया।
पंत ने पावरप्ले के तुरंत बाद अर्जुन को गेंदबाजी के लिए उतारा था। उन्होंने नौवां, पंद्रहवां और सत्रहवां ओवर भी फेंका और कुल मिलाकर 36 रन देकर एक विकेट लिया। 26 वर्षीय अर्जुन मुंबई इंडियंस के लिए भी खेल चुके हैं। सचिन तेंदुलकर का पुत्र होने के कारण अर्जुन शुरू से ही सुर्खियों में रहे हैं। LSG के टीम प्रबंधन के कुछ सदस्य उन्हें काफी पहले खेलने का मौका देना चाहते थे लेकिन ऐसा नहीं हो पाया।